Gwalior Cyber Investigation: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्वालियर सेंट्रल जेल के अधीक्षक विदित सिरवैया को कथित तौर पर व्हाट्सएप के माध्यम से धमकी देकर 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि रकम नहीं देने की स्थिति में उनका तबादला कराने और निलंबन की कार्रवाई करवाने की धमकी दी गई।
Gwalior Cyber Investigation: जानकारी के अनुसार, जेल अधीक्षक के मोबाइल नंबर पर एक कथित वीडियो भेजा गया, जिसमें सेंट्रल जेल के भीतर नशे के कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े दृश्य होने का दावा किया गया। इसके बाद वीडियो को सार्वजनिक करने और प्रशासनिक कार्रवाई कराने की धमकी देते हुए पैसों की मांग की गई।
निलंबित आरक्षक और पूर्व बंदी पर आरोप
Gwalior Cyber Investigation: जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने इस पूरे मामले में निलंबित आरक्षक पवन कुमार शर्मा और सेंट्रल जेल में पूर्व में बंद रह चुके रिशपाल बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों ने मिलकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया है।
Gwalior Cyber Investigation: अधीक्षक ने मामले की शिकायत बहोड़ापुर थाना पुलिस में दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह को भी दी है।
एसएसपी के निर्देश पर साइबर सेल सक्रिय
Gwalior Cyber Investigation: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीम तकनीकी पहलुओं की जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित वीडियो किस मोबाइल नंबर से भेजा गया, उसकी वास्तविकता क्या है और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका है।
Gwalior Cyber Investigation: जांच एजेंसियां व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य और वीडियो की फोरेंसिक जांच के जरिए पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
वीडियो की सत्यता भी जांच के दायरे में
Gwalior Cyber Investigation: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो वास्तविक है या किसी उद्देश्य से तैयार कर भेजा गया है। ऐसे में वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। यदि वीडियो के जरिए झूठे आरोप लगाकर रंगदारी मांगने की बात सामने आती है, तो आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जेल प्रशासन में मचा हड़कंप
Gwalior Cyber Investigation: घटना सामने आने के बाद जेल प्रशासन में भी हड़कंप की स्थिति है। एक वरिष्ठ जेल अधिकारी को इस प्रकार धमकी दिए जाने और कथित तौर पर ब्लैकमेल करने की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Gwalior Cyber Investigation: फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









