Shyampur land dispute: श्यामपुर (सीहोर)। जिले के श्यामपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खाईखेड़ा में न्यायालय का स्पष्ट और विधिवत आदेश होने के बावजूद भूमि विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अदालत द्वारा पीड़ित पक्ष के हक में फैसला सुनाए जाने के बाद भी विपक्षी पक्ष द्वारा न केवल आदेश की अवहेलना करने बल्कि जमीन पर जबरन कब्जा करने और लगातार धमकियां देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित किसान ने थाना अहमदपुर में शिकायती आवेदन देकर अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
Shyampur land dispute: जानकारी के अनुसार, ग्राम खाईखेड़ा निवासी मोहन सिंह दांगी पुत्र स्वर्गीय हेम सिंह दांगी ने थाना प्रभारी अहमदपुर को दिए गए विस्तृत आवेदन में बताया कि गांव की खसरा नंबर 705/3 की कुल लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी कलीम अहमद पुत्र सलीम अहमद, उम्र लगभग 47 वर्ष, द्वारा जमीन पर अवैध दावेदारी स्थापित करने के उद्देश्य से छल-कपट कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और स्वामित्व का दावा प्रस्तुत किया गया।
Shyampur land dispute: पीड़ित पक्ष के अनुसार, इसी विवाद को लेकर विपक्षी द्वारा सिविल न्यायालय में व्यवहार वाद क्रमांक 773A/2023 दायर किया गया था, जिसकी सुनवाई न्यायालय में विधिवत रूप से की गई। सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद दीवानी न्यायालय ने स्पष्ट निर्णय देते हुए विपक्षी कलीम अहमद के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया तथा मोहन सिंह दांगी के पक्ष में डिक्री पारित करते हुए भूमि का वैध स्वामित्व उन्हें प्रदान किया।
Shyampur land dispute: न्यायालय का निर्णय आने के बाद यह अपेक्षा की जा रही थी कि विवाद समाप्त हो जाएगा, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि इसके विपरीत विपक्षी पक्ष ने अदालत के आदेश को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और लगातार विवाद को बढ़ाता जा रहा है। आरोप है कि कलीम अहमद द्वारा पीड़ित को डराया-धमकाया जा रहा है, गाली-गलौज की जा रही है तथा कई बार जान से मारने की धमकी तक दी गई है। इसके साथ ही पीड़ित की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास भी किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
Shyampur land dispute: पीड़ित मोहन सिंह दांगी ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि विपक्षी द्वारा लगातार न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है और कानून व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से वह और उनका परिवार गंभीर रूप से भयभीत हैं तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।
Shyampur land dispute: पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 1 जून 2026 को थाना अहमदपुर में इस संबंध में विधिवत शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी प्राप्ति रसीद भी उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के आदेश (केस क्रमांक 773A/2023) का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित कराया जाए, संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध प्रवेश और कब्जे के प्रयासों को तत्काल रोका जाए तथा धमकी और उत्पीड़न करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
Shyampur land dispute: पीड़ित का यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जिससे कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लग सकता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से और किस स्तर तक कार्रवाई करता है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर न्यायालय के आदेश की अवमानना और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।









