Forest Department Action: अमरवाड़ा (मध्यप्रदेश)। वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग ने हर्रई क्षेत्र में एक अत्यंत गंभीर और सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बाघ की खाल और उसके शरीर के अंगों की अवैध तस्करी की साजिश को नाकाम कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई में विभाग ने अत्यंत सूझबूझ और रणनीतिक तरीके से जाल बिछाकर 4 कुख्यात तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
Forest Department Action: प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला एक सुनियोजित और संगठित अवैध शिकार नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसमें तस्करों ने बाघ का शिकार कर उसके अवशेषों को अवैध रूप से बेचने और उससे मोटी रकम कमाने की योजना तैयार की थी। प्रारंभिक बातचीत में आरोपियों द्वारा इस अवैध सौदे के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मांग रखी गई थी, लेकिन बाद में बातचीत और सौदेबाजी के दौरान यह रकम घटकर 30 लाख रुपये तक तय कर दी गई।
Forest Department Action: वन विभाग को जैसे ही इस गंभीर और संवेदनशील मामले की सूचना प्राप्त हुई, विभाग ने बिना किसी देरी के उच्च अधिकारियों को सूचित कर एक विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद पूरे ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीय तरीके से अंजाम देने के लिए एक विस्तृत ट्रैप योजना तैयार की गई, जिसमें विभाग के कुछ प्रशिक्षित कर्मचारियों को नकली ग्राहक बनाकर तस्करों के संपर्क में भेजा गया ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके और उनके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
Forest Department Action: जैसे ही तस्करों ने सौदे को अंतिम रूप दिया और अवैध लेन-देन की पुष्टि की, वन विभाग की टीम ने पूरी तैयारी के साथ मौके पर घेराबंदी कर अचानक और त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को धर दबोचा। इस दौरान तस्करों को भागने या किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने का अवसर तक नहीं मिला और पूरी गिरफ्तारी सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
Forest Department Action: गिरफ्तारी के पश्चात की गई गहन पूछताछ में आरोपियों ने महत्वपूर्ण खुलासे किए, जिनके आधार पर यह सामने आया कि शिकार के बाद साक्ष्य छिपाने और जांच से बचने के उद्देश्य से बाघ के अवशेषों को नरसिंहपुर जिले के करेली रेंज के घने जंगलों में ले जाकर गड्ढा खोदकर जमीन के भीतर दफना दिया गया था। वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की निशानदेही पर संबंधित स्थान पर खुदाई करवाई और वहां से बाघ के अवशेषों को सफलतापूर्वक बरामद किया।
Forest Department Action: इस पूरे हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में एसडीओ अनादि बुधोलिया, रेंजर कीर्ति बाला गुप्ता तथा वन विभाग की विशेष टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण, निर्णायक और सराहनीय रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।
Forest Department Action: फिलहाल पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय संगठित गिरोह सक्रिय है या फिर इसके तार अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और अवैध धन कमाने जैसी गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं।









