Raipur Jungle Safari: रायपुर। जंगल सफारी में गार्डन निर्माण कार्य के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए नए झूलों को जेसीबी से तुड़वाकर हटाए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई को लेकर सरकारी धन के दुरुपयोग और संसाधनों की बर्बादी के आरोप लग रहे हैं।
Raipur Jungle Safari: जानकारी के अनुसार, जंगल सफारी परिसर में पर्याप्त खाली क्षेत्र उपलब्ध होने के बावजूद झूलों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के बजाय उन्हें तोड़कर फेंक दिया गया। जानकारों का कहना है कि इन झूलों को सुरक्षित तरीके से हटाकर परिसर के किसी अन्य हिस्से में पुनः स्थापित किया जा सकता था, जिससे सरकारी संपत्ति का संरक्षण होता।
Raipur Jungle Safari: मामले में आरोप है कि यह कार्रवाई डीएफओ तेजस शेखर और तत्कालीन प्रभारी रेंजर विजय पाटिल के कार्यकाल में हुई। अब यह सवाल उठ रहा है कि जब झूलों का पुनः उपयोग संभव था, तब उन्हें नष्ट करने का निर्णय क्यों लिया गया और इससे हुए नुकसान की जिम्मेदारी किसकी है।
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Raipur Jungle Safari: स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यटन और मनोरंजन सुविधाओं के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर नई सुविधाओं को ही नष्ट किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है।
Raipur Jungle Safari: सुलग रहे बड़े सवाल
करोड़ों की लागत से लगाए गए नए झूलों को क्यों तोड़ा गया?
क्या उन्हें दूसरी जगह स्थापित किया जा सकता था?
इस निर्णय से हुए नुकसान की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या मामले की जांच कर जवाबदेही तय की जाएगी?









