MP Bus Fare Hike: मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी को लेकर निजी बस संचालकों और सरकार के बीच एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बढ़ती महंगाई और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए बस ऑपरेटरों ने किराए में संशोधन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मौजूदा किराए पर बसों का संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी की मांग कर रहे बस संचालकों का कहना है कि पिछले लगभग पांच वर्षों से किराए में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स और वाहन रखरखाव से जुड़ी लगभग सभी लागतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।बस ऑपरेटरों के अनुसार खर्च बढ़ने के बावजूद पुराने किराए पर सेवाएं देना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बन चुका है।
बढ़ती लागत बनी बड़ी वजह
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण संचालन लागत में वृद्धि को बताया जा रहा है। बस संचालकों का कहना है कि डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उनकी आय और खर्च का संतुलन बिगड़ गया है।इसके अलावा वाहन बीमा, कर्मचारियों का वेतन और तकनीकी रखरखाव पर होने वाला खर्च भी पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।
2.50 रुपए प्रति किलोमीटर किराए की मांग
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी के तहत बस ऑपरेटरों ने सरकार से प्रति किलोमीटर किराया 2.50 रुपए तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्ष 2021 में भी उन्होंने अधिक किराए का प्रस्ताव दिया था, लेकिन मंजूरी अपेक्षा से कम दर पर मिली थी।संचालकों का दावा है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में पुराने किराए पर संचालन जारी रखना कठिन होता जा रहा है।
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परिवहन मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और परिवहन विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रखा है।एसोसिएशन के मुताबिक विभागीय स्तर पर इस विषय पर विचार करने का आश्वासन भी दिया गया है।
हड़ताल की चेतावनी से बढ़ी चिंता
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी को लेकर बस संचालकों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सात दिनों के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे सामूहिक हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।यदि ऐसा होता है तो प्रदेशभर में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने की स्थिति में यात्रियों को यात्रा के लिए पहले से अधिक किराया देना पड़ सकता है। वहीं यदि मांग पूरी नहीं होती और हड़ताल होती है तो बस सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।इसलिए सरकार के अगले फैसले पर बस संचालकों के साथ-साथ यात्रियों की भी नजर बनी हुई है।
सरकार के फैसले का इंतजार
मध्य प्रदेश बस किराया बढ़ोतरी का मामला अब सरकार के विचाराधीन है। आने वाले दिनों में परिवहन विभाग और राज्य सरकार इस संबंध में क्या निर्णय लेते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।फिलहाल बस ऑपरेटरों ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है और सात दिन की समयसीमा के भीतर समाधान की उम्मीद जताई है। इससे प्रदेश की परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा दोनों पर असर पड़ सकता है।









