Operation Clean Hunt: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अपराधियों, स्थायी वारंटियों और संगीन जुर्म कर कानून की नजरों से छिपे बदमाशों के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष विधिक अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुपालन में थाना चक्रधरनगर पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (Atrocities Act) तथा सरेआम दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ व जानलेवा हमला करने के दो अलग-अलग गंभीर मामलों में कुल 6 शातिर फरार आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया है। पुलिस टीम द्वारा सभी आरोपियों की चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें माननीय विधिक न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड (Judicial Remand) पर सीधे जेल दाखिल कर दिया गया है।

मामला 01: मैरिज गार्डन के पास दलित युवक से मारपीट; मुख्य आरोपी तरणजीत और बबलू दास गिरफ्तार
चक्रधरनगर पुलिस और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) कार्यालय से प्राप्त विधिक विवरण के अनुसार, पहला मामला पिछले वर्ष 24-25 मई 2025 की दरमियानी रात का है, जब विजयम उत्सव मैरिज गार्डन के पास एक युवक का रास्ता रोककर जातिसूचक गालियां देते हुए घातक हथियारों से प्राणघातक हमला किया गया था:
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विधिक धाराओं में पंजीकरण: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चक्रधरनगर पुलिस ने तत्कालीन समय में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 396, 351(3), 118(1), 191(2), 191(3), 190 तथा एट्रोसिटी एक्ट की धारा 3(2)(v)(क) के तहत अपराध क्रमांक 219/2025 दर्ज कर विवेचना नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा को सौंपी थी।
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घेराबंदी कर विधिक गिरफ्तारी: इस मामले में पूर्व में आरोपी अंकुल ठाकुर और मनीष सिंह उर्फ बिहारी बाबू को दबोचा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी तरणजीत सिंह भाठिया और बबलू दास महंत फरार चल रहे थे। सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में गठित विशेष विधिक टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कल शाम शहर के विभिन्न संदेहास्पद ठिकानों पर कस्टमाइज्ड दबिश देकर मुख्य आरोपी तरणजीत सिंह भाठिया (उम्र 25 वर्ष, निवासी: दरोगापारा) और बबलू दास महंत (उम्र 32 वर्ष, निवासी: रेलवे बंगलापारा) को विधिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामला 02: मरीन ड्राइव सोलर ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट; 4 गुंडे विधिक कस्टडी में
दूसरा दंडात्मक मामला 21 जनवरी 2026 की रात मरीन ड्राइव पर स्थित नगर निगम कॉम्प्लेक्स का है। यहाँ प्रार्थी रवि गुप्ता उर्फ रवीन्द्रनाथ प्रसाद (निवासी: रेलवे बंगलापारा) के स्वामित्व वाले ‘आिशष सोलर सॉल्यूशन’ कार्यालय में घुसकर कुछ बदमाशों ने सरेआम तोड़फोड़ और गाली-गलौज की थी:
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विवाद की कस्टमाइज्ड वजह: प्रार्थी रवि गुप्ता रात के समय कार्यालय के नीचे स्थित अनूप कैफे में मैगी ऑर्डर करने गए थे, जहाँ कुछ रसूखदार लड़के सरेआम शराब पीकर उत्पाद मचा रहे थे। जब रवि गुप्ता ने सार्वजनिक स्थल पर शराबखोरी का विधिक प्रतिवाद किया, तो आरोपी अंशु राजपूत के भाई व साथियों ने उनका कॉलर पकड़ लिया और ‘देख लेने’ की विधिक धमकी दी। इसके कुछ ही देर बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर सोलर ऑफिस की विधिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया और जानलेवा हमला किया।
SSP शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने मारपीट व एट्रोसिटी एक्ट के 2 अलग मामलों में फरार 6 आरोपियों को घेराबंदी कर दबोचा। सभी आरोपी भेजे गए जेल।#RaigarhPolice #OperationCleanHunt #CGPolice @RaigarhPoliceHunt #ChhattisgarhPolice pic.twitter.com/MQMPPfoYte
— Vikash khalkho (@Vikashkhalkho1) May 26, 2026
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बीएनएस की कड़ी धाराएं: चक्रधरनगर पुलिस ने प्रार्थी की लिखित शिकायत पर अपराध क्रमांक 26/2026, धारा 331(6), 296, 351(2), 115(2), 324(4), 3(5) बीएनएस के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज किया था। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत जाल बिछाकर पुलिस ने इस मामले के चारों फरार आरोपियों— आयुष राजपूत (उम्र 21 वर्ष), आयुष सिंह (उम्र 20 वर्ष), प्रथम अम्बूवानी उर्फ करण अम्बूवानी (उम्र 20 वर्ष) तथा रोहित सोनी (उम्र 21 वर्ष) को विधिक रूप से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
एसएसपी (SSP) श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा विधिक संदेश
इस चौतरफा विधिक धरपकड़ के बाद रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने जिले में पूर्ण विधिक शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु अपराधियों और कानून तोड़ने वालों को सीधे तौर पर कड़ा और विधिक संदेश जारी किया है:
एसएसपी का आधिकारिक वक्तव्य: “रायगढ़ जिला पुलिस “ऑपरेशन क्लीन हंट” के माध्यम से समाज विरोधी तत्वों और गंभीर मामलों के फरार वारंटियों का पूरी तरह विधिक सफाया करने के लिए कस्टमाइज्ड रूप से प्रतिबद्ध है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि उसने विधिक नियमों का उल्लंघन कर जिले की अमन-चैन और कानून व्यवस्था को बाधित करने का दुस्साहस किया, तो पुलिस की सतत और पैनी विधिक निगाहें उसे पाताल से भी ढूंढ निकालेंगी। थानों में दर्ज हर पुराने और पेंडिंग क्रिमिनल केस की विधिक फाइलों को री-ओपन कर फरार आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, उपनिरीक्षक गेंदालाल साहू और उनकी हमराह विधिक टीम ने इस ऑपरेशन में अत्यंत सराहनीय और त्रुटिहीन विधिक कर्तव्यपरायणता का प्रदर्शन किया है। यह दंडात्मक अभियान पूरे जिले में अनवरत रूप से कड़ाई से जारी रहेगा।”









