Twisha Sharma Case: भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में शुक्रवार को दिनभर अदालती गलियारों से लेकर सड़कों तक जबरदस्त हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। ₹30,000 के इनामी और फरार चल रहे मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह ने आज जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने की नाकाम कोशिश की। इसके विपरीत, कोर्ट ने उसका सरेंडर आवेदन स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। इसके तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी को कोर्ट परिसर से ही अपनी कस्टडी में ले लिया। वहीं दूसरी ओर, दिल्ली में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी समर्थ सिंह का वकालत करने का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
जबलपुर कोर्ट ने कहा— भोपाल की अदालत में जाओ, हमारे पास अधिकार नहीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में हुए इस सुसाइड केस के बाद से आरोपी पति समर्थ सिंह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की छह टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद शुक्रवार को अचानक समर्थ सिंह अपने वकील जयदीप कौरव के साथ जबलपुर जिला अदालत में सरेंडर करने पहुंच गया। लेकिन मामले की सुनवाई कर रहे जज आशुतोष सोनी ने उसका सरेंडर आवेदन लेने से दोटूक इनकार कर दिया। माननीय जज ने स्पष्ट कहा कि चूंकि इस पूरे मामले का मुख्य केस और अधिकार क्षेत्र भोपाल जिला अदालत के पास है, इसलिए आरोपी को वहीं जाकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
कोर्ट के बाहर से पुलिस ने दबोचा, भोपाल पुलिस को सौंपने की तैयारी
जबलपुर कोर्ट से झटका लगने और सरेंडर अर्जी खारिज होने के बाद जैसे ही समर्थ सिंह बाहर निकला, वहां पहले से मुस्तैद स्थानीय पुलिस ने उसे तत्काल अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस अभिरक्षा में उसे कोर्ट रूम से सीधे ओमती थाना ले जाया गया है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जबलपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, भोपाल पुलिस की विशेष टीम को इस संबंध में आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है। जल्द ही जबलपुर पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपी समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस के हवाले कर देगी, जिसके बाद उसे भोपाल की अदालत में पेश किया जाएगा।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया का बड़ा फैसला: अब वकालत नहीं कर पाएगा समर्थ
सुसाइड केस में नामजद आरोपी होने और आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी वकील समर्थ सिंह पर अपना हंटर चलाया है। बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत समर्थ सिंह को अगली समीक्षा बैठक तक तत्काल प्रभाव से वकालत करने से पूरी तरह निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। इस आदेश के बाद अब समर्थ सिंह देश की किसी भी अदालत में एक अधिवक्ता के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर पाएगा। इससे पहले उसके वकील ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका भी वापस ले ली थी।
दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स की टीम करेगी दूसरा पोस्टमार्टम, 10 दिनों से मर्चुरी में है शव
इस हाईप्रोफाइल केस में मृतका के पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बताया कि आज हाई कोर्ट में कुल चार महत्वपूर्ण अर्जियों पर सुनवाई हुई। इनमें से दो अर्जियां आरोपी सास गिरिबाला सिंह की जमानत को चुनौती देने वाली थीं, जिस पर हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 25 मई तय की है। वहीं तीसरी सबसे महत्वपूर्ण याचिका मृतका ट्विशा के दोबारा पोस्टमार्टम (सेकंड पीएम) को लेकर थी।
अदालत के सख्त निर्देश के बाद अब दिल्ली एम्स (AIIMS) के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर्स की एक विशेष टीम दिल्ली से सीधे भोपाल आएगी। यह टीम भोपाल एम्स के शवगृह में शून्य से नीचे चार डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिछले 10 दिनों (13 मई से) से सुरक्षित रखे गए ट्विशा के शव का दोबारा सघन पोस्टमार्टम करेगी। इसके लिए दिल्ली एम्स के डायरेक्टर को कोर्ट द्वारा सीधा ऑर्डर पास कर दिया गया है।
मौत के 3 घंटे पहले का सीसीटीवी फुटेज आया सामने, सीबीआई ने संभाली कमान
मामले की संवेदनशीलता और लगातार उठते सवालों के बीच देश की शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने भी ट्विशा शर्मा केस में अपनी आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई जल्द ही स्थानीय पुलिस की एफआईआर को टेकओवर करते हुए अपने स्तर पर नया मुकदमा दर्ज करेगी।
इसी बीच, जांच टीमों के हाथ घटना के दिन यानी 12 मई का एक बेहद महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज लगा है। यह फुटेज ट्विशा की मौत से ठीक तीन घंटे पहले का है, जब वह पास के ही एक नामी ब्यूटी पार्लर गई हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में ट्विशा बेहद सामान्य स्थिति में पार्लर के भीतर करीब तीन घंटे बिताती और हेड मसाज करवाती साफ नजर आ रही है। इस फुटेज के सामने आने के बाद सुसाइड की थ्योरी और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना के आरोपों को लेकर सस्पेंस और ज्यादा गहरा गया है, जिसकी कड़ियां अब सीबीआई और दिल्ली एम्स की फॉरेंसिक टीम मिलकर सुलझाएगी।








