M.P News : भोपाल मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर, पीएम 2.5 का स्तर खतरनाक पर

Rahul Goshwami
भोपाल प्रदूषण सूची में दूसरे स्थान पर

भोपाल: राजधानी भोपाल में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है और शहर प्रदूषण के लिहाज से प्रदेश में दूसरे स्थान पर आ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) की वेबसाइट पर जारी लाइव मॉनिटरिंग आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में PM 2.5 और धूल के सूक्ष्म कणों का स्तर चिंताजनक बढ़त पर है।

प्रदेश में शहरों की प्रदूषण सूची
मध्य प्रदेश के शहरों में सिंगरौली को प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर माना गया है, जबकि भोपाल को दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 98 प्रतिशत शहरों में पीएम 2.5 का स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों के लिए।

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नगर निगम की कार्रवाई
भोपाल नगर निगम ने प्रदूषण कम करने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में निगम ने एक रेस्टोरेंट को 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया क्योंकि उसने निर्धारित पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया था। निगम ने चेताया कि ऐसे उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

वायु प्रदूषण का असर और कारण
भोपाल में प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारणों में वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्य, धूल और उद्योगिक गतिविधियाँ शामिल हैं। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, शुष्क मौसम और तेज़ हवा न होने के कारण धूल और पीएम 2.5 के कण लंबे समय तक शहर में बने रहते हैं। इसके परिणामस्वरूप वायु गुणवत्ता दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।

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क्या कह रहे विशेषज्ञ?
वायु प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में आने वाले महीनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, बाहर निकलते समय सावधानी रखने और प्रदूषण नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी है। साथ ही, उन्होंने निगम और प्रशासन से अपील की है कि शहर में हरियाली बढ़ाने, वाहनों के नियमित निरीक्षण और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय लागू किए जाएं।

भोपाल का मध्य प्रदेश में दूसरे सबसे प्रदूषित शहर बनना चिंता का विषय है। हालांकि निगम द्वारा रेस्टोरेंट और अन्य उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाया जाना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन व्यापक स्तर पर शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए जनता और प्रशासन दोनों को मिलकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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