Raigarh Police Action: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देश पर जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में घरघोड़ा थाना पुलिस ने क्षेत्र के एक पुराने निगरानी बदमाश मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान को लूटपाट के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी कि यह बदमाश वापस इलाके में आकर दोबारा अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
मजदूर से मारपीट और लूटपाट का मामला
अंबिकापुर जिले के सीतापुर निवासी अरुण कुमार एक्का ने इस मामले की लिखित शिकायत रायगढ़ एसपी कार्यालय में दर्ज कराई थी। पीड़ित अरुण घरघोड़ा क्षेत्र में रहकर मजदूरी का काम करता है। अक्टूबर 2025 की रात को जब वह अपनी ड्यूटी खत्म करके पिकअप वाहन की तरफ जा रहा था, तभी गुप्ता होटल के पास भुरू पठान ने उसे रास्ते में रोक लिया। इसके अलावा आरोपी ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और नशा करने के लिए रुपयों की मांग करने लगा। मना करने पर आरोपी ने उसकी जेब से जबरन 500 रुपये छीन लिए।
मोबाइल छीनने के दौरान तोड़ा कांच
पैसे छीनने के बाद भी बदमाश का मन नहीं भरा और उसने पीड़ित अरुण से उसका मोबाइल फोन भी लूटने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों के बीच हुई तीखी छीना-झपटी में मोबाइल फोन सड़क पर नीचे गिर गया, जिससे उसका कांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से तुरंत फरार हो गया था। इसके विपरीत, पुलिस ने पीड़ित और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
रात के अंधेरे में घेराबंदी कर पकड़ा
थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव ने आरोपी की धरपकड़ के लिए इलाके में अपने मुखबिरों का जाल बिछाया था। कल रात को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने गांव के आसपास देखा गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए रात के अंधेरे में ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। परिणामस्वरूप, आरोपी मोहसीम खान को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया। इसके साथ ही कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसके पास से लूटी गई रकम बरामद की गई।
जिला बदर के बाद भी नहीं आया सुधार
पकड़े गए 30 वर्षीय आरोपी मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह वर्ष 2008 में चोरी और साल 2010 में लूटपाट के बड़े मामलों में जेल जा चुका है। इसके बावजूद आदतों में सुधार नहीं होने पर साल 2015 में पुलिस ने उसे खुली निगरानी में लिया था। इसके अलावा कलेक्टर के आदेश पर उसे जिला बदर भी किया गया था। अंततः, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।









