Cyber Blackmail Case: रायपुर। राजधानी रायपुर के कमिश्नरेट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाना सिविल लाइन पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक प्रार्थी को अश्लील वीडियो के जरिए डराकर ब्लैकमेल करने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित कुल छह आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है। इन सभी आरोपियों पर पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की मोटी रकम मांगने का गंभीर आरोप है।
मिस कॉल से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
यह पूरा मामला डीसीपी सेंट्रल ज़ोन के कड़े निर्देशों के बाद सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित प्रार्थी को 20 मई 2026 की शाम करीब 05:27 बजे एक अनजान मोबाइल नंबर से मिस कॉल आया था। इसके विपरीत जब प्रार्थी ने उस अनजान नंबर पर वापस कॉल किया तो आरोपी पक्ष ने उसे एक वीडियो भेजने की बात कही। इसके तुरंत बाद आरोपियों ने दूसरे मोबाइल नंबर का उपयोग करके प्रार्थी को एक अश्लील वीडियो व्हाट्सएप पर भेज दिया। इस आपत्तिजनक वीडियो को अचानक देखकर प्रार्थी बुरी तरह घबरा गया।
बदनामी का डर दिखाकर मांगी फिरौती
वीडियो भेजने के कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर से उसी नंबर से कॉल करके प्रार्थी को सीधे तौर पर धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि यदि उसने तुरंत पैसे नहीं दिए तो इस अश्लील वीडियो को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दिया जाएगा। आरोपियों ने प्रार्थी को समाज में बदनाम करने का डर दिखाकर 50,000 रुपये की मांग की थी। हालांकि जब प्रार्थी ने यह रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी उसे बार-बार फोन करके लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देने लगे।
विशेष टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को दबोचा
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने अंततः थाना सिविल लाइन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बीएनएस की संबंधित धाराओं और 67 आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर साइबर सेल और पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों के सटीक ठिकानों की पहचान की गई। पुलिस टीम ने रात में ही घेराबंदी कर दबिश दी और गिरोह के सभी सदस्यों को धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों में पांच बालिग शामिल
पुलिस ने इस कार्रवाई में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें तामेश्वर सोनवानी (19 वर्ष), राजकुमार कुर्रे (18 वर्ष), कोमल यादव (21 वर्ष), छोटू टंडन (20 वर्ष) और सैय्यद सैफ अली (30 वर्ष) मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गिरोह का एक अन्य साथी नाबालिग है जिसे बाल सुधार गृह भेजा जा रहा है। ये सभी आरोपी रायपुर के अलग-अलग मोहल्लों के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से लोगों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करता था। फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि अन्य पीड़ितों का भी पता लगाया जा सके।









