Blind Murder Solved: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीतापुर में हुए अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की है। सामुदायिक शौचालय के पास मिले युवक के लहूलुहान शव के मामले की तफ्तीश करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पूरी गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस खूनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अमन कुमार बसोड (उम्र 21 वर्ष, निवासी भगवानपुर) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। चौकाने वाली बात यह है कि हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि मृतक का ही करीबी दोस्त निकला, जिसने एक मामूली विवाद के बाद गुस्से में आकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
सामुदायिक शौचालय के पास मिली थी तिलक की लाश, सिर पर थे चोट के निशान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 मई 2026 की सुबह कोतरारोड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि सीतापुर स्थित सामुदायिक शौचालय के सामने खाली मैदान में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य, एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वॉड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान भगवानपुर निवासी तिलक वर्मा (उम्र 21 वर्ष) के रूप में हुई। मृतक के भाई पियूष वर्मा ने बताया कि तिलक 14 मई की रात से घर से लापता था। शव के सिर और चेहरे पर ईंट-पत्थरों से वार किए जाने के गंभीर निशान थे, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 149/2026 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था।
सीमेंट पोल तोड़ने की बात पर शुरू हुआ था विवाद, घायल होने पर अस्पताल भी गए
पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला और मृतक के दोस्तों व परिजनों से पूछताछ की, तो पता चला कि घटना की रात टावर मैदान के पास तिलक वर्मा का उसके दोस्त अमन बसोड के साथ झगड़ा हुआ था। घटना के बाद से ही अमन फरार था, जिससे पुलिस का शक उस पर गहरा गया। मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुराना बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर आरोपी अमन को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि 14 मई की रात टावर मैदान में सीमेंट का पोल तोड़ने जैसी मामूली बात पर दोनों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें अमन की शर्ट फट गई थी। इसके बाद तिलक ने अपनी टी-शर्ट अमन को पहनने के लिए दी। इसके बाद गांव के बोरिंग के पास दोनों में फिर लड़ाई हुई, जिसमें दोनों चोटिल हो गए। खास बात यह है कि इसके बाद भी तिलक अपने दोस्त अमन को इलाज के लिए खुद जिला अस्पताल लेकर गया था।
शराब नहीं मिली तो कड़े और ईंट से कर दी ताबड़तोड़ हत्या
अस्पताल से निकलने के बाद रात में दोनों बाइक पर सवार होकर शराब की तलाश में सीतापुर पहुंचे। देर रात शराब नहीं मिलने पर दोनों थक-हारकर सामुदायिक शौचालय के पास बैठ गए। यहाँ बैठकर दोनों फिर से पुरानी लड़ाई की बात को लेकर बहस करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से से पागल होकर अमन ने पहले अपने हाथ में पहने लोहे के भारी कड़े से तिलक के चेहरे पर दे मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद अमन ने पास ही पड़ी ईंट उठाकर तिलक के सिर, गर्दन और सीने पर ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे तिलक की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अपने अन्य दोस्तों को हत्या की बात बताकर फरार हो गया था।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश:
कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी अमन बसोड़ के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का कड़ा और घटना के वक्त पहने हुए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी शील कुमार आदित्य, एएसआई मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू, आरक्षक चुडामणी गुप्ता और राजेश खांडे की मुख्य भूमिका रही। मामले के खुलासे पर एसएसपी रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि, “हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देकर कानून की नजरों से बच पाना नामुमकिन है। रायगढ़ पुलिस ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत फरार अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकाल रही है। अपराधियों के खिलाफ यह त्वरित और सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।”









