ट्विशा शर्मा मौत केस अब एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। भोपाल में अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद जहां पहले से कई सवाल उठ रहे थे, वहीं अब जिला अदालत के फैसले के बाद पूरे मामले में नया सस्पेंस जुड़ गया है। अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी, लेकिन शव को सुरक्षित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
ट्विशा शर्मा मौत केस में परिवार लगातार पहले पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे। परिवार का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
CCTV टाइमिंग ने बढ़ाया रहस्य
भोपाल संदिग्ध मौत मामला उस समय और उलझ गया जब CCTV फुटेज की टाइमिंग पर सवाल उठे। परिवार का दावा है कि जहां बयान में ट्विशा के रात 9:40 बजे तक कमरे में होने की बात कही गई, वहीं CCTV फुटेज में शव को पहले नीचे लाते हुए दिखाया गया। हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कैमरा सेटिंग की वजह से समय में अंतर संभव है।
कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की मांग
ट्विशा शर्मा जांच अपडेट में अब डिजिटल एंगल भी सामने आया है। परिजनों ने दावा किया कि मौत के अगले दिन कई महत्वपूर्ण फोन कॉल किए गए थे। परिवार ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टॉवर लोकेशन, व्हाट्सएप चैट, ईमेल और सोशल मीडिया डेटा सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे जांच की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
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शव सुरक्षित रखने में प्रशासन की बढ़ी मुश्किल
भोपाल हाईप्रोफाइल केस में प्रशासनिक चुनौती भी सामने आ रही है। ट्विशा का शव फिलहाल एम्स भोपाल के मुर्दाघर में रखा गया है, लेकिन लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए जिस -80 डिग्री सुविधा की जरूरत होती है, वह मध्यप्रदेश में उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि परिवार शव को दिल्ली एम्स शिफ्ट करने की मांग कर रहा है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम पर दबाव
ट्विशा शर्मा रहस्य के बीच पुलिस और फॉरेंसिक विभाग पर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। अब जांच एजेंसियों को पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर ही केस को आगे बढ़ाना होगा। यदि मामला हाई कोर्ट तक पहुंचता है तो कानूनी प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
मुख्यमंत्री से मिला परिवार
भोपाल अभिनेत्री मौत मामला में न्याय की मांग को लेकर ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी मिले। परिवार ने निष्पक्ष जांच और सभी डिजिटल साक्ष्यों को संरक्षित रखने की मांग रखी। उनका कहना है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
क्या अब खुलेगा पूरा सच?
Twisha Sharma Death Case फिलहाल कई अनसुलझे सवालों के बीच खड़ा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और डिजिटल सबूतों को लेकर उठे सवालों ने इस हाईप्रोफाइल केस को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे की जांच में कौन से नए खुलासे सामने आते हैं।








