Heritage Tourism: दलहा पहाड़ की चोटियों से निहारें प्रकृति का हुस्न, रॉक क्लाइंबर्स और युवाओं के लिए बना नया हॉटस्पॉट

Heritage Tourism: जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ का जांजगीर-चांपा जिला इन दिनों Heritage Tourism और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। राजधानी रायपुर से लगभग 170 किलोमीटर और न्यायधानी बिलासपुर से महज 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पूरा क्षेत्र प्राचीन मंदिरों, घने जंगलों, अनूठे वन्यजीव अभयारण्यों और बेहतरीन प्राकृतिक पिकनिक स्पॉट्स का एक ऐसा अनूठा खजाना है, जिसे अब लोग छत्तीसगढ़ के Hidden Gems के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि यहाँ न केवल स्थानीय बल्कि देश-विदेश से आने वाले सैलानियों और इतिहास के शौकीनों की संख्या में लगातार रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

इतिहास, वास्तुकला और अगाध आस्था का अनूठा संगम

यदि हम धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें, तो इस जिले की धरती बेहद समृद्ध रही है। यहाँ का सबसे प्रमुख और पहला आकर्षण चंद्रपुर में स्थित मां चंद्रहासिनी देवी का मंदिर है। यह पवित्र और बेहद प्राचीन मंदिर महानदी तथा माण्ड नदी के पावन संगम पर स्थित है, जो श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय Spiritual Journey का अहसास कराता है। पहाड़ी और नदियों के बीच बसे इस मंदिर में सालों भर भीड़ रहती है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि के समय यहाँ पैर रखने की भी जगह नहीं होती।चंद्रपुर, जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ राज्य का एक प्रमुख कस्बा है। यह स्थान अपने ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। चंद्रपुर महानदी के किनारे स्थित है, जो इसे एक प्राकृतिक सुंदरता ...

इसके ठीक बाद, जांजगीर शहर के केंद्र में भीमा तालाब के किनारे स्थित 12वीं सदी का ऐतिहासिक विष्णु मंदिर आता है, जिसे स्थानीय लोग ‘नकता मंदिर’ के नाम से भी पुकारते हैं। Heritage Tourism के नक्शे पर यह मंदिर एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। इसे हैहयवंशी राजाओं के शासनकाल के दौरान निर्मित किया गया था। इस अधूरे मंदिर की बाहरी और आंतरिक दीवारों पर देवी-देवताओं, गंधर्वों, अप्सराओं और किन्नरों की इतनी बारीक और सजीव नक्काशी की गई है कि आधुनिक दौर के शिल्पकार भी इसे देखकर दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। यह आज भी एक रहस्य है कि इतना खूबसूरत होने के बावजूद यह मंदिर अधूरा क्यों रह गया। इसी कड़ी में, पामगढ़ ब्लॉक के खरौद नगर में स्थित प्राचीन लक्ष्मणेश्वर मंदिर भी वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है, जहाँ स्थापित विशाल शिवलिंग और पत्थरों पर उकेरे गए प्राचीन शिलालेख देश भर के पुरातत्वविदों के लिए शोध का विषय बने हुए हैं।Maa Chandrahasini Temple - History, Timings, Accommodations, Puja

रोमांच और वन्यजीवों का अनूठा संसार: ईको-टूरिज्म को बढ़ावा

जांजगीर-चांपा केवल मंदिरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और रोमांच के शौकीनों के लिए भी यहाँ बहुत कुछ है। अकलतरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ‘कोटमी सोनार क्रोकोडाइल पार्क’ वर्तमान में Eco Tourism का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है। यह भारत के गिने-चुने दलदली मगरमच्छ संरक्षण और रेस्क्यू सेंटरों में से एक है। यहाँ एक विशाल प्राकृतिक जलाशय में सैकड़ों मगरमच्छों को उनके प्राकृतिक आवास में संरक्षित किया गया है। सैलानियों के लिए यहाँ सुरक्षित वॉच टावर और पाथ-वे बनाए गए हैं, जहाँ से लोग इन खूंखार वन्यजीवों को बेहद करीब से धूप सेकते और पानी में तैरते हुए देख सकते हैं। बच्चों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह जगह किसी रोमांचक सफारी से कम नहीं है।Crocodile Park

दूसरी ओर, जो युवा अपनी यात्रा में थोड़ा रोमांच और शारीरिक चुनौती पसंद करते हैं, उनके लिए ‘दलहा पहाड़’ पहली पसंद बन चुका है। यह विशाल पहाड़ मैदानी इलाके के बीच अचानक ऊंची चोटी के रूप में दिखाई देता है, जो दूर से ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वर्तमान में यह क्षेत्र Adventure Trekking और रॉक क्लाइंबिंग के शौकीनों के लिए छत्तीसगढ़ का एक नया हॉटस्पॉट बन चुका है। हर वीकेंड और छुट्टियों के दिनों में सैकड़ों युवा और ट्रैकर्स इस पहाड़ की चढ़ाई करने पहुँचते हैं। पहाड़ के शीर्ष पर पहुँचने के बाद जो ठंडी हवाएं और चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, वह सैलानियों की पूरी थकान को पल भर में मिटा देता है।Kotmi Sonar crocodile 🐊 Park in Chhattisgarh, India - reviews,open hours,photo spots, things to do | WanderBoat AI Trip Planner

कैसे पहुँचें और क्या हैं सुविधाएं?

जांजगीर-चांपा जिला परिवहन के दृष्टिकोण से बेहद सुगम है। यह हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे चांपा और जांजगीर नैला रेलवे स्टेशन देश के सभी प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ते हैं। हवाई मार्ग के लिए बिलासपुर का चकरभाठा एयरपोर्ट सबसे नजदीक है। प्रशासन द्वारा अब इन सभी Hidden Gems वाले पर्यटन स्थलों के आस-पास अच्छे विश्राम गृह, लॉज और स्थानीय गाइडों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यहाँ आने वाले किसी भी सैलानी को कोई असुविधा न हो। यदि आप भी इस वीकेंड इतिहास को करीब से महसूस करने और प्रकृति के बीच रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं, तो जांजगीर-चांपा आपके लिए सबसे मुफीद जगह है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories