bhopal-algae-tree-carbon-capture: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में देशभर में नई पहचान बनाई है। भोपाल देश का पहला शहर बन गया है, जहां वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड सोखने वाली आधुनिक तकनीक ‘एल्गी ट्री’ की शुरुआत की गई है। इस तकनीक का उद्घाटन 1 मई 2026 को मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया।
बढ़ते प्रदूषण, हीटवेव और लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच इस तकनीक को हरित समाधान के रूप में देखा जा रहा है। स्मार्ट सिटी के बाद अब भोपाल स्मार्ट एनवायरनमेंट की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है।
bhopal-algae-tree-carbon-capture: ‘एल्गी ट्री’ को मशरूम वर्ल्ड ग्रुप ने विकसित किया है। यह माइक्रोएल्गी आधारित अत्याधुनिक सिस्टम है, जो वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ता है। कंपनी के मुताबिक इस तकनीक को तैयार करने में करीब दो साल का समय लगा और 50 से अधिक वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों ने इस पर काम किया।
कंपनी का दावा है कि एल्गी ट्री की एक यूनिट लगभग 25 वयस्क पेड़ों के बराबर कार्बन अवशोषित करने की क्षमता रखती है। यह सिस्टम हर साल करीब 1.5 टन कार्बन डाइऑक्साइड सोख सकता है, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
bhopal-algae-tree-carbon-capture: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाए तो शहरों में कार्बन लोड कम करने, तापमान संतुलित रखने और प्रदूषण नियंत्रण में काफी मदद मिल सकती है।
भोपाल में इसकी शुरुआत के बाद अब कंपनी अन्य शहरों के सार्वजनिक स्थानों, संस्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी एल्गी ट्री लगाने की तैयारी कर रही है।









