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Fake case exposed: पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक दिया था झूठा आवेदन: दिग्भ्रमित युवती समेत 5 पहुंचे सलाखों के पीछे

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Fake case exposed: बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के अंतर्गत कसडोल थाना क्षेत्र में हनीट्रैप और झूठे मुकदमे में फंसाकर पैसे ऐंठने की साजिश का एक बेहद चौंकाने वाला विधिक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक 18 वर्षीय युवती ने कुछ शातिर स्थानीय साजिशकर्ताओं के बहकावे और पैसों के भारी लालच में आकर ग्राम पंचायत के निर्वाचित सरपंच पर बलात्कार (दुष्कर्म) का पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठा मामला दर्ज कराने का कुत्सित प्रयास किया।

कसडोल थाना पुलिस और जिला पुलिस प्रशासन द्वारा की गई त्वरित व सूक्ष्म विधिक जांच में जब इस पूरे ताने-बाने और फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ, तो पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपिया (युवती) समेत इस पूरी साजिश में शामिल कुल पांच आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक दिया था आवेदन, जांच में नहीं मिले कोई साक्ष्य

विधिक सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों के सुनियोजित षड्यंत्र के तहत 18 वर्षीय युवती पूनम चौहान ने ग्राम कटगी के वर्तमान सरपंच जयसिंह पैकरा और उनके एक साथी अंजीव जायसवाल पर सामूहिक रूप से गंभीर दुराचार का विधिक आरोप मढ़ा था। इस संबंध में बकायदा कसडोल थाना सहित बलौदा बाजार पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में लिखित शिकायत आवेदन देकर विधिक कार्रवाई की मांग की गई थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उच्चाधिकारियों ने जब घटना की गहनता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की, तो पाया कि कथित समय और स्थान पर बलात्कार जैसी कोई भी आपराधिक घटना घटित ही नहीं हुई थी।

मोटी रकम ऐंठने का था पूरा जाल, आरोपियों ने युवती को किया था दिग्भ्रमित

पुलिस की विस्तृत विधिक विवेचना और आरोपियों से की गई पूछताछ में यह सच सामने आया कि सरपंच जयसिंह पैकरा की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को धूमिल कर उनसे मोटी रकम वसूलने (ब्लैकमेलिंग) के उद्देश्य से यह पूरा जाल बुना गया था। सह-आरोपियों ने मुख्य आरोपिया युवती को पैसों का बड़ा प्रलोभन देकर पूरी तरह दिग्भ्रमित किया था और उसे झूठी शिकायत करने के लिए मोहरा बनाया था।

पुलिस ने जब गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्य खंगाले, तो शिकायतकर्ता के सभी दावे विधिक धरातल पर पूरी तरह खोखले और झूठे साबित हुए।

कसडोल पुलिस ने विभिन्न विधिक धाराओं में दर्ज किया मुकदमा, सभी आरोपी पहुंचे जेल

फर्जीवाड़े और गंभीर विधिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का खुलासा होते ही कसडोल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और दंडात्मक धाराओं के तहत नया आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपिया पूनम चौहान के अलावा इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड और मददगार साथियों— भागवत थवाईत, दीपक थवाईत, शिवा चेलक और विजय तिवारी को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि विधिक तंत्र को गुमराह करने और किसी भी निर्दोष नागरिक की छवि को धन उगाही के चक्कर में ठेस पहुंचाने वाले अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही कठोरतम दंडात्मक और विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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