CG NEWS: रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस द्वारा पूरे सूबे में खाद-बीज की किल्लत, प्रति एकड़ कटौती और अव्यावहारिक नियमों के खिलाफ चलाए गए उग्र मैदानी आंदोलन का बड़ा असर देखने को मिला है। किसान कांग्रेस के चौतरफा दबाव और अन्नदाताओं के बढ़ते आक्रोश के आगे आखिरकार राज्य सरकार को झुकना पड़ा है। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने खाद वितरण प्रणाली को सरल बनाने के निर्देश देते हुए सोसायटियों से खाद खरीदने के लिए लागू ‘टोकन व्यवस्था’ को पूरी तरह से समाप्त करने की घोषणा कर दी है।
CG NEWS: इस बड़े फैसले के बाद अब प्रदेश के किसानों को कड़े प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्ति मिल गई है। किसान अब बिना किसी पूर्व टोकन के सीधे सहकारी समितियों से अपने बोए गए रकबे के आधार पर एकमुश्त खाद प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही सरकार ने खाद की कृत्रिम कमी दिखाकर कालाबाजारी करने वाले बिचौलियों व निजी दुकानदारों पर कड़ी निगरानी रखने और अनियमितता पाए जाने पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नैनो डीएपी (Nano DAP) और नैनो यूरिया का भी पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है।
CG NEWS: किसान कांग्रेस ने बताया अन्नदाताओं के हक की जीत, जारी की प्रतिक्रिया:
अभिषेक मिश्रा (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस):
”यह छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं के अटूट संघर्ष और किसान कांग्रेस की जमीनी एकजुटता की बहुत बड़ी जीत है। हमारी टीम ने कड़े प्रशासनिक नियंत्रण, अव्यावहारिक नियमों और खाद की भारी किल्लत के खिलाफ सड़क से लेकर कलेक्ट्रेट तक जो शंखनाद किया था, आज सरकार को उस जन-आक्रोश के सामने घुटने टेकने पड़े हैं। टोकन व्यवस्था का बंद होना हमारी 9-सूत्रीय मांगों के प्रति सरकार की पहली विवशता है। लेकिन हमारी लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुई है; जब तक किसानों को ₹3100 की एकमुश्त राशि, पिछले 3 वर्षों का बोनस और अघोषित बिजली कटौती से पूर्णतः मुक्ति नहीं मिल जाती, किसान कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।”
CG NEWS: अकील हुसैन (प्रभारी महामंत्री – संगठन, छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस):
”हमने पहले ही शासन-प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में सचेत किया था कि खरीफ सीजन के मुहाने पर प्रति एकड़ मात्र 1 बोरी खाद की पात्रता का नियम और उसे तीन किश्तों में बांटने का ‘तुगलकी फरमान’ पूरी तरह से अव्यावहारिक है। किसान कांग्रेस के बैनर तले पूरे प्रदेश में बैलगाड़ियों और पदयात्रा के साथ जो ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट घेराव किए गए, उसी का परिणाम है कि आज कृषि मंत्री को हमारी मांगों के आगे झुकते हुए नियमों में तत्काल सुधार करना पड़ा है। संगठन की यह एकजुटता यह साबित करती है कि जब-जब अन्नदाता संकट में होगा, किसान कांग्रेस उनकी मजबूत ढाल बनकर खड़ी रहेगी। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन शेष मांगों पर भी सरकार अविलंब निर्णय ले।”
CG NEWS: इन प्रमुख मांगों पर बैकफुट पर आई सरकार:
CG NEWS: *’सुपर फ्लॉप’ टोकन व्यवस्था का खात्मा:* किसान कांग्रेस की मुख्य मांग थी कि खाद के लिए लागू जटिल टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद किया जाए, जिसे सरकार ने पूरी तरह निरस्त कर दिया है।
CG NEWS: रकबे के अनुसार सीधी आपूर्ति: किश्तों में खाद देने के प्रशासनिक नियंत्रण को शिथिल कर अब बोए गए रकबे के आधार पर सीधे खाद देने का रास्ता साफ हुआ है।
CG NEWS: जमाखोरों पर एफआईआर के निर्देश: निजी दुकानदारों द्वारा कृत्रिम संकट पैदा कर की जा रही ब्लैक मार्केटिंग पर किसान कांग्रेस के कड़े तेवरों के बाद अब सरकार ने सीधे कानूनी कार्रवाई व एफआईआर के निर्देश दिए हैं।







