वेदांता के शेयर में भारी गिरावट! 65% गिरावट से मचा हड़कंप, निवेशकों में मची हलचल, लेकिन असल वजह कुछ और…

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निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : गुरुवार को शेयर बाजार खुलते ही वेदांता लिमिटेड के शेयर में करीब 65 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। पहली नजर में यह किसी बड़े संकट का संकेत लग रहा था, लेकिन असल में यह गिरावट कंपनी के डिमर्जर के चलते हुई तकनीकी प्राइस एडजस्टमेंट का हिस्सा है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को इस गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह वास्तविक नुकसान नहीं माना जा रहा।

773 रुपये से सीधे 289 रुपये पर आया शेयर

वेदांता का शेयर बुधवार को 773.60 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं गुरुवार को यह 289.50 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 271.5 रुपये तक पहुंच गया।

इतनी बड़ी गिरावट के पीछे कंपनी का डिमर्जर प्लान मुख्य वजह है। दरअसल, कंपनी ने अपने अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स को स्वतंत्र कंपनियों में बांटने का फैसला किया है।

चार नई कंपनियों में बंट रहा वेदांता का कारोबार

डिमर्जर प्रक्रिया के तहत वेदांता लिमिटेड के प्रमुख कारोबार को चार अलग इकाइयों में विभाजित किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं:

  • Vedanta Aluminium
  • Vedanta Power
  • Vedanta Oil & Gas
  • Vedanta Steel & Iron Ore

अब इन चारों बिजनेस की वैल्यू मूल कंपनी के शेयर से अलग हो चुकी है, जिसके चलते शेयर कीमत में बड़ा बदलाव दिखाई दिया।
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क्या होता है Ex-Demerger ट्रेडिंग?

कंपनी ने डिमर्जर के लिए 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय की थी। हालांकि महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहने से 30 अप्रैल को ही प्रभावी रिकॉर्ड डेट माना गया।

इस दिन शेयर ex-demerger ट्रेड हुआ, यानी अब शेयर की कीमत में नई कंपनियों की वैल्यू शामिल नहीं रही। यही वजह है कि शेयर का भाव अचानक काफी नीचे दिखाई दिया।

निवेशकों को कैसे हो सकता है फायदा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिमर्जर से लंबे समय में निवेशकों को फायदा मिल सकता है। अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स स्वतंत्र रूप से लिस्ट होने के बाद उनकी वास्तविक मार्केट वैल्यू सामने आएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस और पावर जैसे सेक्टर अलग पहचान के साथ बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जिससे शेयरधारकों को अतिरिक्त मूल्य मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

2023 से चल रही थी डिमर्जर प्रक्रिया

वेदांता ने अपने बिजनेस डिमर्जर की योजना साल 2023 में शुरू की थी। हालांकि विभिन्न सरकारी आपत्तियों और नियामकीय प्रक्रियाओं के चलते इसमें देरी हुई।

अब कंपनी इस प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचा चुकी है और आने वाले समय में नई कंपनियों की अलग लिस्टिंग देखने को मिल सकती है।

बाजार विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे केवल शेयर की मौजूदा कीमत देखकर घबराएं नहीं। डिमर्जर के बाद मिलने वाले शेयर और उनकी संभावित वैल्यू को समझना जरूरी है। आने वाले महीनों में वेदांता समूह की नई कंपनियों का प्रदर्शन निवेशकों के लिए अहम साबित हो सकता है।

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