निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में एक अनोखी स्थिति देखने को मिली है। मतदाता सूची में करीब 18 लाख की कमी के बावजूद रिकॉर्ड 93% मतदान दर्ज किया गया है। 2021 में जहां पहले चरण में करीब 83% वोटिंग हुई थी, वहीं इस बार प्रतिशत में बड़ा उछाल देखने को मिला।
SIR प्रक्रिया के बाद बदली तस्वीर
चुनाव आयोग के अनुसार, सिस्टेमेटिक इम्प्रूवमेंट ऑफ रजिस्ट्रेशन (SIR) प्रक्रिया के बाद कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 3.60 करोड़ रह गई है। इसके बावजूद करीब 3.35 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
कुल वोटों में ज्यादा अंतर नहीं
हालांकि वोटिंग प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन कुल डाले गए वोटों की संख्या में खास अंतर नहीं है। 2021 में जहां करीब 3.10 करोड़ वोट पड़े थे, वहीं 2026 में यह आंकड़ा लगभग 3.09 करोड़ के आसपास बताया जा रहा है। यानी कुल वोटों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।
बीजेपी-टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप
मतदान के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी ने पहले चरण की 152 सीटों में से 110 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है। वहीं टीएमसी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ने का कारण मतदाता सूची में कमी है, न कि वास्तविक मतदान में वृद्धि।
Amit,
It’s so easy to EXPOSE you. And your attempt to create fake narratives.
Here is hard data to bust BJP propaganda on Phase 1: total votes cast in 2026 have decreased compared to 2021👉 First, let us look at data from 2021 elections:
* Total electors: 3.67 crores
*…— Derek O’Brien | ডেরেক ও’ব্রায়েন (@derekobrienmp) April 24, 2026
आंकड़ों पर सियासी बहस
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने आंकड़ों के जरिए दावा किया कि कुल वोटों की संख्या 2021 की तुलना में कम है। उनका कहना है कि प्रतिशत बढ़ना केवल कुल मतदाताओं की संख्या घटने का परिणाम है।
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अब नतीजों का इंतजार
पहले चरण के बाद अब सभी की नजर 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ऊंचे मतदान प्रतिशत का किस पार्टी को फायदा मिलता है।











