Hirdeshah Lodhi Sacrifice Day : भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आगामी 28 अप्रैल को स्वाधीनता संग्राम के गुमनाम नायकों की स्मृति में एक भव्य ‘शौर्य यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस के अवसर पर जम्बूरी मैदान में होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह आयोजन अखिल भारतीय लोधी महासभा, हिरदेशाह शोध संस्था और गोंड महासभा के संयुक्त तत्वावधान में इतिहास के उन पन्नों को पलटने का प्रयास है, जिन्हें अब तक उपेक्षित रखा गया।
1842 के विद्रोह की गूंज: महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल और प्रध्युम्न सिंह लोधी ने बताया कि 1857 की क्रांति से भी पहले 1842 में नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी ने ब्रिटिश हुकूमत के कठोर भू-राजस्व कानूनों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। अंग्रेजों द्वारा किसानों और जमींदारों पर थोपे गए भारी लगान और जमीन के अधिकारों को छीनने के विरोध में हिरदेशाह ने दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज को एकजुट कर सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया। विश्वासघात के कारण 1843 में उनकी गिरफ्तारी हुई और 28 अप्रैल 1858 को उन्होंने मातृभूमि के लिए अपना बलिदान दे दिया।
वीरों की गौरव गाथा: शौर्य यात्रा के माध्यम से न केवल हिरदेशाह लोधी, बल्कि राजा डेलन शाह, नरवर शाह, मधुकर शाह बुंदेला और गजराज सिंह लोधी जैसे महान योद्धाओं की कुर्बानियों को भी याद किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को इन योद्धाओं के शौर्य और संघर्ष से परिचित कराना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल करेंगे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सहित कई दिग्गज जनप्रतिनिधि इस गरिमामयी आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
एकजुट होगा समाज: इस महाकुंभ में मध्यप्रदेश सहित देशभर से लोधी और गोंड समाज के लोग बड़ी संख्या में भोपाल जुटेंगे। जम्बूरी मैदान में होने वाला यह समागम न केवल एक श्रद्धांजलि सभा होगी, बल्कि यह उपेक्षित महानायकों को इतिहास में उनका सही स्थान दिलाने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा भी है। शौर्य यात्रा के माध्यम से सामाजिक एकता और ऐतिहासिक गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया जाएगा।











