निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान जारी है, लेकिन एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया हिंसा की छाया से अछूती नहीं रह सकी। राज्य के कई जिलों से बमबाजी, झड़प और हंगामे की खबरें सामने आई हैं।
मुर्शिदाबाद में बम हमला, कई घायल
मुर्शिदाबाद के नाओदा क्षेत्र में मतदान से पहले देसी बम फेंके जाने की घटना सामने आई है। इस हमले में कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। चुनाव आयोग ने डोमकल क्षेत्र की घटना पर जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
राजनीतिक दलों में टकराव
घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे AUJP प्रमुख हुमायूं कबीर का TMC कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई, जिसके वीडियो भी सामने आए हैं। इसके बाद कबीर धरने पर बैठ गए और TMC पर तनाव फैलाने का आरोप लगाया।
मालदा में EVM खराबी पर हंगामा
मालदा के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में EVM खराबी के चलते मतदान देर से शुरू हुआ, जिससे मतदाता भड़क गए। सेक्टर अधिकारी के देर से पहुंचने पर लोगों ने विरोध जताया और हंगामा किया। इस दौरान TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | A scuffle breaks out between TMC workers and Aam Janata Unnayan Party (AUJP) founder Humayun Kabir in Murshidabad.
Humayun Kabir is visiting the area where a crude bomb hurling incident was reported yesterday. pic.twitter.com/RTrRzg2eMr
— ANI (@ANI) April 23, 2026
सिलीगुड़ी में भिड़े कार्यकर्ता
सिलीगुड़ी के एक मतदान केंद्र पर TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद CAPF जवानों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और मतदान फिर से शुरू कराया।
मतदाताओं को धमकाने के आरोप
डोमकल क्षेत्र में मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हथियारबंद लोग मतदान केंद्रों के पास मौजूद थे। हालांकि, बाद में सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद मतदान प्रक्रिया सामान्य हुई।
नंदीग्राम पर सियासी बयानबाजी
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में 175 मतदाताओं को धमकाया गया। उन्होंने दावा किया कि हस्तक्षेप के बाद मतदाता सुरक्षित तरीके से वोट डाल सके।
बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा और तनाव की घटनाएं एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान पर सवाल खड़े कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से कई जगह हालात काबू में लाए गए हैं।











