CG News: रायपुर में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने जनगणना 2027 में छत्तीसगढ़ी भाषा को स्थान देने की मांग को लेकर जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मांग की है कि भारत सरकार के जनगणना पोर्टल और फॉर्म में मातृभाषा के कॉलम में “छत्तीसगढ़ी” को विकल्प के रूप में शामिल किया जाए।
पार्टी का कहना है कि छत्तीसगढ़ी भाषा को वर्ष 2007 में राजभाषा का दर्जा मिल चुका है और प्रदेश सहित आसपास के राज्यों में करीब 3.5 करोड़ लोग इसे दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं। इसके बावजूद जनगणना प्रक्रिया में इस भाषा की अनदेखी की जा रही है।

CG News: ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2020 के भाषाई सर्वेक्षण के अनुसार छत्तीसगढ़ में 65 प्रतिशत से अधिक लोग छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग करते हैं। ऐसे में जनगणना फॉर्म में इसका विकल्प नहीं होने से वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पाएंगे।
पार्टी ने मांग की है कि जनगणना 2027 में छत्तीसगढ़ी भाषा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि राज्य की भाषाई पहचान को उचित महत्व मिल सके।
CG News: इसके साथ ही छत्तीसगढ़ी भाषा को प्राथमिक शिक्षा में लागू करने, शासकीय कार्यों में इसके उपयोग को बढ़ावा देने और संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास करने की बात कही गई है।











