निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : लेंसकार्ट की ‘एम्प्लॉई ग्रूमिंग पॉलिसी’ से जुड़ा एक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद की शुरुआत हुई। इसमें कर्मचारियों को कथित रूप से बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों के उपयोग से रोके जाने की बात सामने आई थी।
रायपुर में शोरूम पर विरोध प्रदर्शन
यह मामला अब राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। मंगलवार को धर्म जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने शहर के एक लेंसकार्ट शोरूम में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान “जय श्री राम” के नारे भी लगाए गए।
Read more : खड़गे की P.M मोदी पर टिप्पणी से सियासी बवाल! C.M मोहन बोले- माफी मांगें कांग्रेस अध्यक्ष
कर्मचारियों से पूछे गए नाम, लगाया गया तिलक
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शोरूम के कर्मचारियों से बातचीत की और उनके नाम पूछे। कुछ कर्मचारियों को तिलक भी लगाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विरोध की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी कंपनी पर “हिंदू विरोधी” गतिविधियों में शामिल होने का आरोप साबित होता है, तो उसका विरोध जारी रहेगा। इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर माहौल को गरमा दिया है।
कंपनी ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि वह सभी प्रतिक्रियाओं को गंभीरता से ले रही है और अपनी इन-स्टोर स्टाइल गाइड को स्पष्ट कर रही है।
नई गाइडलाइंस में बदलाव
कंपनी ने स्पष्ट किया कि नई गाइडलाइंस में तिलक, बिंदी, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को मान्यता दी गई है। साथ ही कहा गया कि भविष्य में नीतियां समानता और सम्मान के आधार पर तय होंगी।











