Thursday, September 10, 2026
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mp news: Singrauli: बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश

mp news: Singrauli: जिले में बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने के संकेत दिए हैं। कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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श्रम विभाग को जिले के उद्योगों, ईंट-भट्टों, होटलों, ढाबों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित एवं सघन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें मुक्त कराने की कार्रवाई तेज करने को कहा गया।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों का रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करना भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास, अनिवार्य शिक्षा और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी काउंसलिंग पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में आम नागरिकों को जागरूक करने पर भी बल दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि यदि कहीं भी बाल श्रम या बंधुआ मजदूरी की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों या हेल्पलाइन पर सूचना दें।

mp news: Singrauli: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना कानूनन अपराध है, जबकि 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक उद्योगों में नियोजित नहीं किया जा सकता। बंधुआ मजदूरी की स्थिति में कर्ज या दबाव के कारण जबरन काम कराया जाना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

कानूनी प्रावधानों के तहत बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम में दोषियों को 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम के तहत 3 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

mp news: Singrauli: बैठक में श्रम विभाग के प्रभारी अधिकारी नवनीत पाण्डेय, श्रम निरीक्षक राहुल प्रधान, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ‘बचपन बचाओ अभियान’ को जनभागीदारी से सफल बनाने की अपील की।

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