Jagannath Temple : नई दिल्ली/पुरी: ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में चलित और बाहरी खजाने की गिनती पूरी की गई, जबकि अब भीतरी रत्न भंडार की गणना की जा रही है, जिसे सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है।
Jagannath Temple : खास बात यह है कि भीतरी रत्न भंडार को करीब 48 साल बाद खोला गया है। इससे पहले इसे वर्ष 1978 में खोला गया था। इस भंडार में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के बहुमूल्य और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित रखे गए हैं।
Jagannath Temple : पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। 3D मैपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के जरिए खजाने की गिनती की जा रही है। इस दौरान केवल अधिकृत समिति के सदस्यों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई है।
Jagannath Temple : 13 अप्रैल से आंतरिक भंडार की गिनती शुरू हुई है, जो 16 से 18 अप्रैल तक जारी रहेगी। सदियों पुराना यह खजाना राजा-महाराजाओं और दानदाताओं द्वारा अर्पित किया गया था। अब पूरे देश की नजर इस पर टिकी है कि इस ऐतिहासिक भंडार से क्या-क्या सामने आता है।











