निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी, जिसकी शुरुआत 16 जून 2026 से होने जा रही है।
प्रार्थना सभा का बदलेगा स्वरूप
नए निर्देशों के अनुसार, अब स्कूलों की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ-साथ मंत्रोच्चार भी अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा प्रार्थना के दौरान दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और गुरुमंत्र का पाठ भी कराया जाएगा।
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सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर
सरकार का उद्देश्य इस बदलाव के जरिए छात्रों में सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। प्रार्थना सभा को केवल औपचारिकता न रखते हुए उसे एक सकारात्मक और प्रेरणादायक शुरुआत के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्कूलों को दिए जाएंगे दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि नए नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
16 जून से होगी नई शुरुआत
राज्य में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून 2026 से होगी। इसी दिन से स्कूलों में यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी, जिससे शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।











