निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बड़े स्तर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने का खुलासा हुआ है।
एक महीने में 137 प्रमाण पत्र, लेकिन कोई जन्म नहीं
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फरवरी महीने में इस स्वास्थ्य केंद्र से 137 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि जांच में सामने आया कि उस दौरान यहां एक भी प्रसव नहीं हुआ। इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
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डेटा एंट्री ऑपरेटर पर शक
प्रारंभिक जांच में स्वास्थ्य विभाग के कंप्यूटर डेटा एंट्री ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि उसकी मिलीभगत से ही फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका भी हो सकती है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिस्टम की खामियां उजागर
यह घटना न केवल भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, बल्कि सरकारी सिस्टम में मौजूद खामियों को भी उजागर करती है। जन्म प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज का इस तरह फर्जी तरीके से जारी होना गंभीर चिंता का विषय है।
हो सकते हैं बड़े खुलासे
जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।











