निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बहुचर्चित और संवेदनशील मामले में आज से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में नियमित सुनवाई शुरू हो रही है। इस सुनवाई को लेकर प्रशासन से लेकर आम जनता तक की नजरें टिकी हुई हैं।
लंबे समय से चल रहा है विवाद
भोजशाला का मामला वर्षों से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। यह स्थल हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए आस्था का विषय रहा है, जिसके चलते यह मुद्दा संवेदनशील बना हुआ है।
Read more : अंबिकापुर में दर्दनाक हादसा! स्कॉर्पियो ने 4 महिलाओं को कुचला, मां का शव देख बिलखती रही मासूम बेटी
98 दिन के सर्वे के बाद अब बहस
हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा करीब 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वे किया गया था। इस सर्वे में मिले पुरातात्विक साक्ष्यों, कलाकृतियों और शिलालेखों को अब अदालत में पेश किया जाएगा और इन्हीं के आधार पर जिरह होगी।
ASI रिपोर्ट पर टिकी नजरें
ASI की रिपोर्ट इस मामले में अहम भूमिका निभाने वाली है। रिपोर्ट में शामिल साक्ष्य यह तय करने में मदद कर सकते हैं कि भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक स्वरूप क्या रहा है।
प्रशासन अलर्ट पर
सुनवाई शुरू होने से पहले ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
देशभर की नजरें
इस मामले की सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका फैसला न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डाल सकता है।











