Friday, August 28, 2026
Home Religious Mahakaleshwar Bhasma Aarti : ब्रह्म मुहूर्त में गूंजी महाकाल नगरी, संपन्न...

Mahakaleshwar Bhasma Aarti : ब्रह्म मुहूर्त में गूंजी महाकाल नगरी, संपन्न हुई दिव्य भस्म आरती, “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हुआ गर्भगृह

Mahakal Aarti Live
Mahakal Aarti

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में भव्य भस्म आरती वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। सुबह लगभग चार बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।

पंचामृत अभिषेक से आरंभ हुआ अनुष्ठान

भस्म आरती की शुरुआत पारंपरिक पंचामृत अभिषेक से हुई। भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से विधिपूर्वक अभिषेक किया गया।

इसके बाद रुद्रपाठ, शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालु मंत्र-जप और ध्यान में लीन होकर इस दिव्य अनुष्ठान का साक्षी बने।

भस्म श्रृंगार का आध्यात्मिक संदेश

अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया। सनातन परंपरा में भस्म को जीवन की नश्वरता और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है।

यह परंपरा यह संदेश देती है कि सांसारिक मोह-माया क्षणभंगुर है, जबकि ईश्वर भक्ति और आत्मचिंतन ही शाश्वत सत्य है। भस्म से सजे महाकाल के दर्शन कर कई श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।

श्रद्धा और ऊर्जा से सराबोर हुआ परिसर

पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर साधना, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। धार्मिक मान्यता है कि भस्म आरती के दर्शन से मानसिक शांति, आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक शक्ति की प्राप्ति होती है।

इसी आस्था के कारण प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और इस अद्वितीय परंपरा का अनुभव करते हैं।

वैश्विक आस्था का प्रतीक बना महाकाल

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत पहचान है। Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain आज विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

महाकाल की भस्म आरती श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा की अनुपम मिसाल के रूप में लाखों लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ती आ रही है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here