निशानेबाज न्यूज डेस्क: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक धरती कांपने लगी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 दर्ज की गई है, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में बताया जा रहा है, जो भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
कई राज्यों में महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में महसूस किए गए। कंपन करीब 30 से 35 सेकेंड तक जारी रहा, जिसके चलते लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। खासकर ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने तेज कंपन महसूस किया।
जनहानि की कोई खबर नहीं
राहत की बात यह है कि अब तक इस भूकंप से किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मध्यम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन सतर्क रहना जरूरी होता है।
हिंदुकुश क्यों है संवेदनशील क्षेत्र?
अफगानिस्तान का हिंदुकुश क्षेत्र भूकंप के लिहाज से काफी सक्रिय माना जाता है। यहां अक्सर टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण कंपन होता रहता है। इस क्षेत्र में आने वाले भूकंप का असर भारत, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कई हिस्सों तक महसूस किया जाता है।
भूकंप आने की वैज्ञानिक वजह
विशेषज्ञ बताते हैं कि पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी होती है, जो लगातार गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं, तो ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है, जिससे जमीन हिलती है और भूकंप महसूस होता है।
क्या करें ऐसे समय में?
भूकंप के दौरान घबराने की बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना जरूरी है। मजबूत टेबल या दीवार के पास शरण लें और खुले स्थान में निकलने की कोशिश करें। लिफ्ट का उपयोग करने से बचें और आफ्टरशॉक्स के प्रति सतर्क रहें।











