अहमदाबाद। अहमदाबाद के 17 वर्षीय आहान प्रजापति ने कलर ब्लाइंड बच्चों के लिए विशेष मशीन लर्निंग मॉडल विकसित किया, जो किताबों और नक्शों को रंग दृष्टिहीन छात्रों के लिए आसानी से समझने योग्य बनाता है। उनके इस नवाचार को यूके के प्रतिष्ठित Crest Gold Award से सम्मानित किया गया है।
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बचपन से ही रेड-ग्रीन कलर ब्लाइंडनेस से जूझ रहे आहान ने अपनी इस कमजोरी को ताकत में बदलते हुए समाज के लिए मिसाल पेश की है। चौथी कक्षा में इस समस्या का पता चलने के बाद उन्होंने ‘Aiding Colours’ नाम से सामाजिक पहल शुरू की, जिसमें सरकारी और निजी स्कूलों में 10,000 से अधिक छात्रों की स्क्रीनिंग की गई।
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आहान ने अपने मॉडल के जरिए चित्रों और नक्शों को इस तरह बदल दिया कि कलर ब्लाइंड बच्चे उन्हें आसानी से पहचान सकें। इस प्रयास में उन्हें अदाणी इंटरनेशनल स्कूल का पूरा समर्थन मिला, जिससे 300 से अधिक छात्रों का परीक्षण किया गया। उनके मॉडल ने 99.7% सटीकता के साथ परिणाम दिए, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
इस परियोजना के अलावा आहान ने डबल लेंग्वैज किताबें, शिक्षकों के लिए गाइड और समावेशी स्टेशनरी भी तैयार की, ताकि क्लासरूम सभी बच्चों के लिए संवेदनशील और मददगार बन सके। उनका उद्देश्य आने वाले पांच सालों में इस पहल को पूरे गुजरात और भारत में फैलाना है।
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आहान का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी खुशी तब होती है जब कोई बच्चा उनके मॉडल की मदद से आसानी से पढ़ाई समझ पाता है। उनका मानना है, “अगर मेरी कोशिश से एक भी बच्चा बेहतर सीख पाता है, तो यही मेरी सफलता है।”












