Women Safety Workshop Jagdalpur : जगदलपुर (26 फरवरी 2026): महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज जिला पंचायत सभागार में महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और उनके कानूनी अधिकारों को केंद्र में रखकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस, श्रम और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए एक ‘एकीकृत दृष्टिकोण’ (Integrated Approach) अपनाने पर बल दिया गया।
कानूनी बारीकियों और डिजिटल सुरक्षा पर विमर्श कार्यशाला की शुरुआत करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज सिन्हा ने विभागीय समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। सत्र के दौरान घरेलू हिंसा कानून, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (POSH Act) और मानव तस्करी जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिए गए। विशेषज्ञों ने इन कानूनों की जटिलताओं को सरल भाषा में प्रतिभागियों के समक्ष रखा।
पुलिस की भूमिका और ‘जीरो एफआईआर’ सुरक्षा तंत्र को तकनीकी रूप से स्पष्ट करते हुए थाना प्रभारी माधुरी नायक ने पुलिस विभाग की ओर से ‘अभिव्यक्ति एप’ की उपयोगिता बताई। उन्होंने विशेष रूप से ‘जीरो एफआईआर’ की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव तस्करी या गंभीर अपराधों के मामलों में पीड़ित किसी भी थाने में शिकायत दर्ज करा सकता है, चाहे वह क्षेत्र उस थाने के अधिकार में आता हो या नहीं। इससे संकट के समय त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकती है।
जमीनी कार्यकर्ताओं का सशक्तिकरण संरक्षण अधिकारी श्रीमती वीनू हिरवानी द्वारा संचालित इस कार्यशाला में सखी वन स्टॉप सेंटर, नारी अदालत समिति और संगवारी जेंडर रिसोर्स सेंटर के उन सदस्यों ने भाग लिया जो सीधे तौर पर पीड़ित महिलाओं की सहायता करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों—181, 112 और 1098 के प्रति जागरूक करें।
यह कार्यशाला न केवल अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार साबित होगी, बल्कि बस्तर क्षेत्र में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।











