Kolkata Durga Puja Stampede: दुर्गा पंडाल में भगदड़ से 19 की मौत, बच्चों ने भी गंवाई जान

Rahul Goshwami

Kolkata Durga Puja Stampede: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शनिवार शाम चोरबागान के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कोलकाता मेडिकल कॉलेज से जुड़े सूत्रों ने 20 लोगों की मौत और 45 से ज्यादा लोगों के घायल होने का दावा किया है। मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आने से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

कोलकाता पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम बारिश शुरू होने के बाद कई लोग उससे बचने के लिए पंडाल के अंदर रुक गए थे। शाम करीब 7:40 बजे बाहर मौजूद भीड़ भी पंडाल के भीतर प्रवेश करने की कोशिश करने लगी।इस दौरान लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति बिगड़ गई और भगदड़ मच गई। अचानक मची अफरा-तफरी में कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर गंभीर स्थिति बन गई।

हादसे के बाद पंडाल की लाइटें बंद, प्रवेश रोका
भगदड़ के बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों की एंट्री रोक दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कोलकाता के कई दूसरे दुर्गा पूजा पंडाल भी बंद करा दिए गए हैं।इस घटना ने दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल बनाए गए हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
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सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हादसे के बाद सरकार ने लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जरूरतमंद लोग 18003455678 पर संपर्क कर सकते हैं।फिलहाल हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। आधिकारिक तौर पर अंतिम आंकड़े स्पष्ट होने के बाद ही नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

आयोजन समिति से जुड़े हैं मुख्यमंत्री के भतीजे
चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजन समिति से देवदीप अधिकारी भी जुड़े हुए हैं। वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे हैं। जोड़ासांको से भाजपा विधायक विजय ओझा इस पूजा समिति के अध्यक्ष हैं। उत्तर कोलकाता जिला भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी आयोजन से जुड़े बताए गए हैं।हादसे के बाद आयोजन समिति से जुड़े लोगों की भूमिका और पंडाल में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, घटना के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए जांच की जानकारी सामने आना जरूरी है।

कोलकाता में पहले भी दुर्गा पूजा के दौरान हुए हादसे
कोलकाता में पिछले वर्षों में भी दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें भगदड़ जैसी स्थिति, आग और धुएं के कारण दर्शन रोकने जैसी घटनाएं शामिल हैं।

  • 19 अक्टूबर 2015 — देशप्रिय पार्क: 88 फीट ऊंची दुर्गा प्रतिमा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बनने से 11 लोग घायल हुए और पंडाल बंद करना पड़ा।
  • 30 सितंबर 2017 — संतोष मित्रा स्क्वायर: पंडाल के झूमर से चिंगारी और धुआं निकलने के बाद सुरक्षा के लिए करीब 14 घंटे तक दर्शन बंद रहे। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी।
  • 28 अक्टूबर 2020 — एफडी ब्लॉक, साल्ट लेक: दुर्गा पूजा पंडाल में आग लगने से पूरा पंडाल और प्रतिमा जलकर राख हो गए थे। इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं थी।
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