voter list revision : जबलपुर। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता, गति और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भेजे गए हैं। इन सुझावों का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके और पूरी प्रक्रिया सरल हो।
प्रस्तुत सुझावों में सबसे महत्वपूर्ण जोर दस्तावेजों की वैधता में लचीलेपन पर दिया गया है। वर्तमान प्रक्रिया में, SIR (स्वतः पहचान और रिपोर्टिंग) फॉर्म भरने के उपरांत जिन नागरिकों के पास वर्ष 2003 के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके फॉर्म को ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में डाल दिया गया है। सुझाव दिया गया है कि ऐसे मामलों में यदि नागरिक चुनाव आयोग द्वारा मान्य 14 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसके फॉर्म को स्वीकार किया जाना चाहिए ताकि कोई पात्र मतदाता सूची से वंचित न हो।
voter list revision : प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए यह भी सिफारिश की गई है कि शासन द्वारा स्थापित हेल्प डेस्कों पर अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित ऑपरेटरों की नियुक्ति की जाए। प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती से 2003 की मतदाता सूची को डिजिटल माध्यम से खोजने में सुविधा मिलेगी और SIR फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया में गति आएगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव में पुनरीक्षण कार्य को समावेशी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कहा गया है कि SIR फॉर्म भरने के साथ-साथ फॉर्म क्रमांक 6 (नए मतदाता जोड़ने हेतु) और फॉर्म क्रमांक 8 (पते में बदलाव या जानकारी अद्यतन करने हेतु) को भी भरवाया जाए। इससे नए मतदाताओं को जोड़ने और पुराने मतदाताओं की जानकारी अद्यतन करने का महत्वपूर्ण कार्य एक ही समय में संपन्न हो सकेगा, जिससे मतदाताओं को बार-बार प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
voter list revision : इन सुझावों के माध्यम से मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में ठोस पहल की उम्मीद की जा रही है, जिससे सूची त्रुटिरहित बन सके।











