Vishwakarma Puja 2025 : आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार, वास्तुशास्त्र का जनक और देवताओं के दिव्य महलों का रचनाकार माना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन कारीगर, मजदूर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट और उद्योगों में कार्यरत लोग अपने औजारों, मशीनों और वाहनों की पूजा-अर्चना करेंगे।
Vishwakarma Puja 2025 : ऐतिहासिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा ने स्वर्गलोक का निर्माण किया था। त्रेतायुग में उन्होंने भगवान राम के लिए “पुष्पक विमान” बनाया और महाभारत काल में इंद्रप्रस्थ नगरी की रचना की। उनकी गणना ब्रह्मा के सात प्रजापतियों में की जाती है। इसलिए विश्वकर्मा को “सृष्टि का दिव्य शिल्पी” कहा जाता है।
आज के आयोजन
सुबह से ही देशभर के कारखानों, फैक्ट्रियों, वर्कशॉप्स और दफ्तरों में पूजा की तैयारियां होंगी। लोग अपने उपकरणों को साफ करेंगे, फूल-माला से सजाएंगे और नारियल, दीप, अगरबत्ती अर्पित कर भगवान विश्वकर्मा से कार्यक्षेत्र में सफलता और सुरक्षित माहौल की प्रार्थना करेंगे। कई जगहों पर सामूहिक भंडारे और प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।
रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इलाकों, सरकारी दफ्तरों और छोटे-बड़े कारखानों में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की जाएगी। वहीं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और बिहार जैसे राज्यों में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा।
विश्वकर्मा पूजा का दिन श्रम, कौशल और सृजन की आराधना को समर्पित माना जाता है। यह दिन हर उस हाथ को सम्मान देने का पर्व है, जो निर्माण और विकास की नींव रखता है।











