नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025 – विपक्ष ने जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। 2007 से 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रहे जस्टिस रेड्डी ने मानवाधिकार और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले दिए हैं।
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1. सलवा जुडूम केस
- छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी आंदोलन सलवा जुडूम में आदिवासी युवाओं को हथियार देने को असंवैधानिक ठहराया।
- कहा कि सरकार गरीब आदिवासियों को बंदूक थमा कर अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकती।
- अनुच्छेद 14 और 21 के तहत मानवाधिकार की रक्षा को बल मिला।
2. काले धन से जुड़ा फैसला
- विदेशों में काले धन के मामले में जनहित याचिका पर सरकार को सख्त चेतावनी दी।
- कहा कि काले धन राष्ट्रीय चिंता का विषय है और इस पर पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए।
- SIT गठित करने का निर्देश भी दिया।
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3. इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) केस
- सुप्रीम कोर्ट ने निष्क्रिय इच्छामृत्यु को सख्त शर्तों के तहत वैध ठहराया।
- भारत में मृत्यु का अधिकार और गरिमा से जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार मजबूत हुआ।
4. रामलीला मैदान में बाबा रामदेव आंदोलन
- पुलिस कार्रवाई की जांच में कहा कि राज्य को नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।
- राज्य को न्यूनतम बल प्रयोग का निर्देश दिया।
5. महाराष्ट्र डांस बार केस
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डांस बारों पर प्रतिबंध पर सुनवाई करते हुए कहा कि महिलाओं के काम करने के अधिकार और आजीविका की स्वतंत्रता केवल नैतिकता के नाम पर छीनी नहीं जा सकती।











