निशनेबाक न्यूज़ डेस्क : उत्तराखंड सरकार ने इस साल चारधाम यात्रा के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम परिसर में श्रद्धालु अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। यह निर्णय मंदिरों की पवित्रता और आस्था की मर्यादा बनाए रखने के लिए लिया गया है।
धार्मिक स्थलों पर शांति और एकाग्रता बनाए रखना मुख्य उद्देश्य
सरकार के अनुसार, अक्सर श्रद्धालु दर्शन के बजाय मोबाइल से वीडियो, फोटो और रील बनाने में व्यस्त रहते हैं। इससे धार्मिक स्थलों पर विवाद और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अब मोबाइल प्रतिबंधित होने से श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे।
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बैठक में लिया गया निर्णायक कदम
चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में आयोजित बैठक में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने निर्णय लिया कि श्रद्धालुओं के मोबाइल को सुरक्षित रखने की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। बद्रीनाथ में सिंहद्वार से आगे और अन्य धामों में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की चाक-चौबंध तैयारी
बैठक में सड़क, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा एनएच, एनएचआईडीसीएल, लोनिवि और बीआरओ को सड़क मार्ग दुरुस्त करने का समय 31 मार्च तक दिया गया है।
श्रद्धालु व्यवस्था और आस्था दोनों का लाभ उठाएंगे
मोबाइल प्रतिबंध से चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण होगी। श्रद्धालु पवित्र धामों में बिना किसी व्याकुलता के दर्शन और पूजा कर सकेंगे। प्रशासन की यह व्यवस्था आस्था और सुविधा दोनों का संतुलन बनाए रखेगी।











