Usman Beg Youth Congress : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। तमनार ब्लॉक के आमाघाट में नदी किनारे लहलहाती अफीम की फसल मिलने के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। करीब सवा एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती के खुलासे के बाद युवा कांग्रेस (ग्रामीण) के जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित फसल का तैयार होना शासन की विफलता का पुख्ता प्रमाण है।
“निगरानी तंत्र की विफलता या संरक्षण?”
उस्मान बेग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम की फसल रातों-रात तैयार नहीं होती। यह फसल पूरी तरह पककर तैयार अवस्था में मिली है, जिससे स्पष्ट है कि यह अवैध गतिविधि महीनों से बेखौफ संचालित हो रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संबंधित विभागों का खुफिया तंत्र इतना कमजोर है कि उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी, या फिर इस काले कारोबार को कहीं न कहीं ‘अदृश्य संरक्षण’ प्राप्त था?
पुरानी घटनाओं से नहीं लिया सबक
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने जिले के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी नशीले पदार्थों और अवैध खेती के मामले उजागर हो चुके हैं। इसके बावजूद निगरानी तंत्र को मजबूत क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा, “यदि समय रहते सख्ती बरती जाती और पिछली घटनाओं से सबक लिया जाता, तो आज आमाघाट में नशे की यह नर्सरी तैयार नहीं हो पाती।”
पुलिस की कार्रवाई की सराहना, पर उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
उस्मान बेग ने वर्तमान जिला पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई छापामार कार्रवाई की सराहना तो की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि केवल एक आरोपी (मार्शल सांगा) को पकड़ना काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि:
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गहरी तफ्तीश: यह पता लगाया जाए कि यह गतिविधि अब तक कैसे चलती रही।
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जिम्मेदारों पर गाज: क्षेत्र के संबंधित पटवारी, बीट गार्ड और स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच हो।
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नेटवर्क का खुलासा: इस अवैध खेती के पीछे छिपे ‘बड़े चेहरों’ को बेनकाब किया जाए।
भविष्य की चेतावनी
उन्होंने प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यदि इस मामले में केवल छोटी मछलियों को पकड़कर खानापूर्ति की गई, तो युवा कांग्रेस उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। जिले को नशे की गर्त में धकेलने वाले गिरोह पर ‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दोबारा कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।











