ujjain News : उज्जैन/राजेश व्यास: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार शाम 7:30 बजे उज्जैन पहुंचेंगे। वे जन्माष्टमी पर्व पर रात में मंदिरों में होने वाली आरती में शामिल होकर भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद लेंगे।देशभर के साथ महाकाल की नगरी उज्जैन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण की शिक्षास्थली महर्षि सांदिपनी आश्रम में भगवान कृष्ण का पंचामृत से विशेष पूजन अभिषेक हुआ। यहाँ भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। वैसे तो उज्जैन को महाकाल की नगरी के रुप में जाना जाता है लेकिन उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली भी है। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की उम्र में उज्जैन के ऋषि सांदिपनी के पास विद्या अध्ययन के लिए आए थे।
ujjain News : यही वजह है कि भगवान कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदिपनी आश्रम देश-विदेश के भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। उज्जैन के सांदिपनी आश्रम में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया है। आज सुबह से ही यहाँ भक्तो का ताँता लगा हुआ है। दूर दूर से भक्त यहाँ पहुच रहे है। उज्जैन के सांदिपनी आश्रम में गुरुगोविंद उत्सव मनाया गया। सबसे पहले भगवान कृष्ण का पंचामृत अभिषेक किया गया इसके बाद महाआरती हुई। मुख्यमंत्री का उज्जैन आगमन के बाद शहर में सांदीपनि आश्रम, गोपाल मंदिर और इस्कॉन मंदिर में रात 12 बजे भगवान की आरती की जाएगी। सीएम शाम को उज्जैन पहुंचने के बाद रात को गोपाल मंदिर और सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी पर्व के कार्यक्रम में शामिल होंगे। रात्रि विश्राम भी उज्जैन में करेंगे। सीएम रविवार को उज्जैन के कुछ स्थानीय कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं।
ujjain News : सांदपनी आश्रम विश्व की सबसे पुरानी विधास्थली है। यहां पर करीब पांच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण अपने भाई बलराम के साथ विद्या अध्ययन करने आए थे। इस आश्रम में रहकर भगवान ने कुल चौंसठ दिनों में चार वेद, छह शास्त्र, अठारह पुराण, चौंसठ कला, गीता ज्ञान और गुरुसेवा को आत्मसात किया था। इसी आश्रम मे सुदामा से श्रीकृष्ण की मित्रता हुई थी। भगवान ने इस आश्रम में ही जीवन की वास्तविकता को जाना था।











