उज्जैन : मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में नया चांदी का द्वार स्थापित किया गया है। इस द्वार का कुल वजन 25 किलो है और इसे रविवार, 14 दिसंबर को विधि-विधान के साथ गर्भगृह में लगाया गया। यह द्वार मंदिर के आध्यात्मिक और सौंदर्य संवर्धन में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
कोलकाता के भक्त ने किया भव्य दान
नवीन रजत द्वार को कोलकाता निवासी भक्त निभा प्रकाश द्वारा दान किया गया। उन्होंने इस दान को मंदिर के पुजारी पंडित भूषण व्यास की प्रेरणा से किया। चांदी को लकड़ी के दो पल्लों पर मढ़ा गया है और गर्भगृह की आंतरिक और बाहरी माप के अनुसार इसे विशेष रूप से निर्मित किया गया है।
कलात्मक डिजाइन और धार्मिक चिन्ह
नए रजत द्वार की खासियत इसकी कलात्मक कारीगरी और धार्मिक प्रतीकों में है। द्वार पर नंदी, ओम, त्रिशूल के साथ-साथ फूल और पत्तियों की नक्काशी भी की गई है। यह द्वार न केवल मंदिर के गर्भगृह की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि भक्तों के लिए दृष्टिगत और आध्यात्मिक अनुभव को भी गहरा करता है।
अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये
महाकालेश्वर मंदिर के नए रजत द्वार की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने भक्त निभा प्रकाश का स्वागत और सत्कार किया।
भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व
नवीन रजत द्वार के स्थापित होने के बाद मंदिर परिसर में भक्तों की श्रद्धा और भी गहरी हुई है। यह द्वार आने वाले भक्तों के लिए पूजा और दर्शन का आकर्षक केंद्र बन गया है।









