उज्जैन : बुधवार तड़के उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में संपन्न हुई 26 नवंबर 2025 की महाकाल भस्म आरती का दृश्य अत्यंत मनोहारी और भक्तिमय रहा। भोर की पहली किरण के साथ ही पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। सुबह 4 बजे शुरू हुई इस दिव्य आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भोलेनाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। मंदिर में व्याप्त आध्यात्मिक वातावरण ने हर भक्त को गहन शांति और अद्वितीय ऊर्जा का अनुभव कराया।
विशेष वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुआ अभिषेक व शृंगार
इस बुधवार की भस्म आरती को विशेष रूप से वैदिक विधियों के साथ सम्पन्न कराया गया। आरती की शुरुआत भगवान महाकाल के शिवलिंग पर जल, पंचामृत और पवित्र भस्म से अभिषेक के साथ हुई। इसके बाद पुजारियों द्वारा रुद्राष्टक, रुद्रपाठ और शिव तांडव स्तोत्र का शक्तिपूर्ण उच्चारण किया गया, जिसने वातावरण को और अधिक दिव्य बना दिया। गर्भगृह से प्रसारित आध्यात्मिक तरंगों ने पूरी सभा को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
देशभर से उमड़े श्रद्धालु, पहली पंक्ति में दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें
महाकाल की भस्म आरती का महत्व जानकर देश के कोने-कोने से भक्त उज्जैन पहुंचते हैं। इस बार भी मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई भक्त सोमवार रात से ही कतार में लग गए थे ताकि वे आरती के दौरान पहली पंक्ति में बैठकर भगवान महाकाल का साक्षात दर्शन कर सकें। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं।
ऑनलाइन लाइव दर्शन से जुड़ा विश्वभर का भक्त समुदाय
जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं पहुंच पाए, उनके लिए मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई। लाखों लोगों ने घर बैठे ही ऑनलाइन दर्शन किए और इस पवित्र क्षण का हिस्सा बने। डिजिटल माध्यम से दर्शन की सुविधा ने विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी महाकाल की इस अनूठी आरती से भावनात्मक रूप से जोड़ा।











