Tuesday, September 29, 2026
Home International ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नई धमकी! कहा- अमेरिका का साथ न देने...

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नई धमकी! कहा- अमेरिका का साथ न देने वाले देशों पर अब लगेगा तगड़ा टैरिफ

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की अपनी मांग को लेकर दुनिया के देशों को सख्त संदेश दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिका के ग्रीनलैंड दावे का समर्थन नहीं करेंगे, उन्हें अमेरिकी बाजारों में भारी व्यापारिक टैरिफ झेलने पड़ सकते हैं। उनका कहना है कि आर्कटिक क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण अमेरिका की मजबूरी बन चुका है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और ‘गोल्डन डोम’ का तर्क

व्हाइट हाउस में दिए गए बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अपनी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की “बेहद जरूरत” है। उन्होंने इसे प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ का अहम हिस्सा बताया। ट्रंप का दावा है कि अगर अमेरिका ने वहां अपनी मौजूदगी मजबूत नहीं की, तो रूस या चीन उस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ा सकते हैं, जो अमेरिका के लिए गंभीर खतरा होगा।

Read More : लॉरेंस बिश्नोई गैंग की अब सिंगर बी प्राक को धमकी, 7 दिनों में मांगे 10 करोड़

टैरिफ कार्ड से बदली कूटनीति

यह पहला मौका है जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड जैसे भू-राजनीतिक मुद्दे को सीधे वैश्विक व्यापार शुल्क से जोड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि यूरोपीय देशों पर वैसे ही टैरिफ लगाए जा सकते हैं, जैसे पहले फ्रांस और जर्मनी पर लगाए गए थे। इस बयान के बाद यूरोपीय राजधानियों में चिंता का माहौल है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक सहयोग पर असर पड़ सकता है।

डेनमार्क और यूरोपीय संघ का कड़ा विरोध

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने ट्रंप के रुख को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और वह डेनमार्क का अभिन्न हिस्सा रहेगा। यूरोपीय संघ ने भी डेनमार्क की संप्रभुता का समर्थन करते हुए इस तरह की धमकियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। नाटो सहयोगियों के बीच भी ट्रंप के बयान को लेकर असहजता देखी जा रही है।

दुर्लभ खनिज और आर्कटिक की नई लड़ाई

ग्रीनलैंड दुर्लभ खनिज संसाधनों (Rare Earth Minerals) के विशाल भंडार के कारण भी वैश्विक शक्तियों के निशाने पर है। जलवायु परिवर्तन के चलते आर्कटिक बर्फ के पिघलने से नए समुद्री रास्ते और खनिज संसाधन सामने आ रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि इन संसाधनों पर चीन की बढ़ती पकड़ को रोका जाए।

 व्यापार युद्ध की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रंप ने वास्तव में टैरिफ लागू किए, तो यह अमेरिका-यूरोप व्यापार युद्ध को जन्म दे सकता है। यूरोपीय संघ भी जवाबी शुल्क लगा सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ना तय माना जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here