Monday, October 5, 2026
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Toxic cough syrups : MP-राजस्थान में 23 बच्चों की मौत, 5 राज्यों में बैन, सुप्रीम कोर्ट में CBI जांच की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप पीने से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें मध्य प्रदेश में 19 और राजस्थान में 4 बच्चों की जान गई है। घटना सामने आने के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु और पंजाब ने कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी है। इस मामले में एडवोकेट विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें देशभर में दवाओं की सुरक्षा व्यवस्था की जांच और मामले की CBI जांच की मांग की गई है।

तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कांचीपुरम की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जो कोल्ड्रिफ सिरप बनाती है। सरकार ने कंपनी से पांच दिन के अंदर जवाब मांगा है। जांच में सामने आया कि कंपनी की फैक्ट्री में 350 से ज्यादा गड़बड़ियां पाई गईं, जिनमें कई को “क्रिटिकल” और “मेजर” श्रेणी में रखा गया। फैक्ट्री में सफाई, सुरक्षा और प्रशिक्षण के मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।

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कफ सिरप के सैंपल की जांच में पाया गया कि इसमें डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे जहरीले केमिकल की मात्रा बहुत ज्यादा थी। यह केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कोल्ड्रिफ सिरप के एक बैच (SR-13) में 48.6% DEG पाया गया, जो मानक सीमा से कई गुना अधिक है। इसके अलावा गुजरात की दो कंपनियों – रीलाइफ सिरप और रेस्पिफ्रेस टीआर सिरप – के सैंपल में भी जहर मिला है, जिसके बाद इन पर भी बैन लगा दिया गया।

तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री में दवा निर्माण के लिए योग्य कर्मचारी नहीं थे और घटिया गुणवत्ता के केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था। कई मशीनें टूटी और जंग लगी हुई थीं, वहीं दवा को प्लास्टिक पाइप से ट्रांसफर किया जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया। दवाओं का गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के नालियों में छोड़ा जा रहा था।

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घटना के बाद मध्य प्रदेश में विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य विभाग की विफलता नहीं, बल्कि कमीशन और करप्शन का मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस तरह की लापरवाही से मासूमों की जान जा रही है, तो क्या अब स्वास्थ्य मंत्री के घर पर भी बुलडोजर चलेगा?

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