मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरूरपुर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर रविवार रात सेना के जवान कपिल और उसके चचेरे भाई शिवम के साथ मारपीट का मामला सामने आया। यह घटना गोटका गांव के लोगों में आक्रोश फैला गई। सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण टोल प्लाजा पर एकत्र हुए और हंगामा, तोड़फोड़ और नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण टोल वसूली एजेंसी को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े रहे।
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ग्रामीणों ने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और टोल प्रबंधन पर कठोर कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने टोल प्लाजा को पूरी तरह फ्री कर दिया और किसी भी वाहन से शुल्क वसूलने नहीं दिया। इस दौरान कई बैरिकेड्स और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
मामला उस समय शुरू हुआ जब कपिल, जो ऑपरेशन सिंदूर और कांवड़ यात्रा के बाद छुट्टी पर श्रीनगर से मेरठ लौट रहे थे, टोल पार करने के लिए आईडी कार्ड दिखाया। इसके बावजूद टोल कर्मचारियों ने उसका आईडी कार्ड और मोबाइल फोन छीन लिया। जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों के साथ मारपीट कर दी गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक टोल कर्मचारियों को बर्खास्त नहीं किया जाता और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
पुलिस-प्रशासन ने हालात पर नजर रखी हुई है और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। घटना ने पूरे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है।













