निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के त्योंथर स्थित सिविल अस्पताल में पुताई कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तीन मंज़िला छत से गिरने के कारण 34 वर्षीय श्रमिक छोटेलाल मांझी की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने श्रमिक को किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया था। न हेलमेट, न सेफ्टी बेल्ट और न ही सेफ्टी नेट। ऊंचाई पर बिना सुरक्षा के काम कराना गंभीर लापरवाही बताया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
एसडीएम आवास का घेराव
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एसडीएम बगला के आवास का घेराव किया। उन्होंने 50 लाख रुपये की सहायता राशि और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान सोहागी-त्योंथर मार्ग पर जाम भी लगाया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल
घटना ने श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी परिसर में काम के दौरान यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है—यह सवाल अब प्रशासन के सामने है।
परिजन न्याय और आर्थिक सहायता की मांग पर अड़े हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
श्रमिक सुरक्षा से जुड़ी यह घटना एक बार फिर बताती है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है।











