निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव रविवार को मीडिया के सामने बेहद आक्रोशित नजर आए। हाल के दिनों में उनके पिता बनने और एक युवती के साथ संबंधों को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच उन्होंने जल्दबाजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। तेज प्रताप ने दावा किया कि कुछ लोग उनकी राजनीतिक और पारिवारिक छवि को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित साजिश कर रहे हैं।
संबंधों की चर्चाओं पर दी सफाई
अनुष्का नाम की युवती के साथ जोड़े जा रहे रिश्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि उनका किसी भी तरह का व्यक्तिगत संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच करनी है तो यह भी देखा जाना चाहिए कि संबंधित युवती के घर कुछ अन्य लोग देर रात क्यों जाते थे। उन्होंने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग भी रखी।
झूठे मामलों में फंसाने का आरोप
भावुक होते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि जिस तरह उनके पिता लालू प्रसाद यादव को पहले झूठे मामलों में घेरा गया था, उसी तरह अब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जनता के बीच बढ़ते समर्थन के कारण विरोधी उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
कानूनी लड़ाई की चेतावनी
तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि वे अपनी छवि बचाने के लिए कानूनी कदम उठाएंगे और दिल्ली कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाने वालों और कुछ व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की इच्छा जताई।
भावुक बयान ने बढ़ाई चर्चा
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप ने मानसिक दबाव की बात करते हुए कहा कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उनका भावुक बयान—“मैं क्या करूं, फांसी लगा लूं क्या?”—सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
तेज प्रताप यादव ने दोहराया कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और वे सच सामने लाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म देता नजर आ रहा है।











