नई दिल्ली/क्यूपर्टिनो। Nishaanebaz.com-Apple iPhone 18 Pro Component Orders Cut: स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों और लागत का असर अब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल (Apple) की प्रोडक्शन योजनाओं पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अपने नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लिए अक्टूबर महीने के कंपोनेंट (घटकों) के ऑर्डर में 15 से 20 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती कर दी है।
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती कीमतें तथा नए आईफोन की ऊंची शुरुआती कीमतों के चलते ग्लोबल मार्केट में यूजर्स की मांग (डिफ़ेंड/डिमांड) में आई सुस्ती को बताया जा रहा है। प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान निक्केई एशिया (Nikkei Asia) की रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल सितंबर की शुरुआत से ही अपने फोन की शिपमेंट और इन्वेंट्री को लेकर काफी सतर्क रुख अपना रहा है। सप्लाई चेन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर के लिए दोनों प्रीमियम मॉडल्स के ऑर्डर में लगभग 15% से 20% तक की कमी की गई है, हालांकि विभिन्न कंपोनेंट्स के प्रोडक्शन साइकिल के हिसाब से इसका असर अलग-अलग हो सकता है।
मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत क्यों बनी चुनौती? तकनीकी बाजार जानकारों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री की बेतहाशा बढ़ती मांग भी एक मुख्य वजह है। दुनिया भर की टेक कंपनियां एआई डेटा सेंटर्स स्थापित करने के लिए एडवांस चिप्स और हाई-कैपेसिटी मेमोरी चिप्स की भारी खरीदारी कर रही हैं। इससे इन महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की उपलब्धता पर गहरा दबाव पड़ा है और इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं। इसका असर केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्सनल कंप्यूटर (PC) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बाजार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा, एप्पल के बदले हुए लॉन्च शेड्यूल का असर भी मांग पर पड़ सकता है। इस बार कंपनी ने पहले प्रीमियम मॉडल्स उतारे हैं, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 18 और नए स्लिम डिजाइन वाले iPhone Air को अगले साल की शुरुआत में पेश किए जाने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि चिप निर्माण की बढ़ती लागत का पूरा बोझ कंपनी ग्राहकों पर नहीं डाल सकती, जिसके चलते प्रोडक्शन रणनीतियों में यह बदलाव किया गया है।

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