Sukma News : सुकमा। शिक्षा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का ऐसा अनोखा तरीका अपनाया है, जिसने सबका ध्यान खींचा है। बीते 15 दिनों से 900 से अधिक शिक्षा कर्मी धरने पर बैठे हैं। आंदोलन की गूंज तब और तेज हुई जब उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपनी पीड़ा दर्ज कराई।
Sukma News : शिक्षा कर्मियों की मुख्य मांग है कि उन्हें अस्थायी नहीं बल्कि नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद पहचान न मिलने की कसक उनके चेहरे पर साफ दिख रही है। इस आंदोलन में महिला शिक्षक भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।
धरना शांतिपूर्ण है, लेकिन कर्मियों के भीतर का आक्रोश गहराता जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार की बेरुखी से न केवल वे मानसिक तनाव में हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र होगा।










