Stock Market : नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर आयात शुल्क को 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने के फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखने लगा है। गुरुवार सुबह भले ही सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत मामूली गिरावट के साथ हुई हो, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में गिरावट तेज होती गई।
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गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 450 अंक से अधिक टूटकर 80,000 के नीचे आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 150 अंक से अधिक लुढ़क गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 679 अंक तक गिरकर 79,864 के स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी भी 225 अंकों की गिरावट के साथ 24,354 तक फिसल गया।
इस गिरावट के दौरान अदानी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसे दिग्गज शेयरों में भी कमजोरी देखी गई। वहीं स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी भारी उतार-चढ़ाव रहा।
बाजार की इस गिरावट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या अब भी 56 इंच का सीना चुप रहेगा? ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ट्रंप ने भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, क्योंकि हमने रूस से तेल खरीदा। ये कूटनीति नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार की समझ की कमी है। इससे हमारे उद्योगों, एमएसएमई और नौकरियों पर सीधा असर होगा। लेकिन क्या मोदी सरकार को फर्क पड़ता है?”
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Stock Market उधर, आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार इस टैरिफ वृद्धि के असर को सीमित रूप से ही झेल रहा है, क्योंकि पहले से ही कई शेयर ओवरसोल्ड स्थिति में हैं और निवेशकों को ऐसे उतार-चढ़ाव की आदत हो चुकी है। रुपये की बात करें तो गुरुवार को यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तीन पैसे की मजबूती के साथ 87.69 पर खुला, जिससे यह संकेत मिला कि करेंसी बाजार ने अभी इस टैरिफ असर को गंभीरता से नहीं लिया है। ट्रंप द्वारा लगाया गया 50 फीसदी टैरिफ 27 अगस्त से प्रभाव में आएगा और यह अब तक भारत पर लगाया गया सबसे बड़ा शुल्क माना जा रहा है। इससे भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।













