इंदौर। Nishaanebaz.com-Indore Bhagirathpura Water Contamination Protest: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बहुचर्चित भागीरथपुरा दूषित जल कांड की एक सदस्यीय जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। रविवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का दल भागीरथपुरा क्षेत्र पहुंचा और पीड़ित व प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान पार्टी नेताओं ने परिवारों से सीधे संवाद स्थापित कर सरकार की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए और एक बार फिर सड़क पर उतरकर उग्र जन आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर मंथन किया।
हाल ही में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सार्वजनिक हुई एक सदस्यीय आयोग की जांच रिपोर्ट में दूषित जल वितरण और पाइपलाइनों के रखरखाव में प्रशासनिक स्तर पर हुई गंभीर लापरवाहियों का खुलासा हुआ है। हालांकि, कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और दबाव में तैयार की गई रिपोर्ट करार दिया है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि रिपोर्ट में जिन मुख्य जिम्मेदारों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका सामने आनी चाहिए थी, उन्हें बचाने का प्रयास किया गया है।
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भागीरथपुरा में पीड़ितों से बातचीत के दौरान कांग्रेस ने स्थानीय नागरिकों से आगामी जन आंदोलन के लिए व्यापक समर्थन मांगा। चौकसे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पहले दिन से ही पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रही है और जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, लड़ाई जारी रहेगी। पार्टी की मुख्य मांगों में मृतक परिवारों को कम से कम 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करना और जिम्मेदार अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक प्रकरण (गैर-इरादतन हत्या का मामला) दर्ज करना शामिल है।
इस दौरान क्षेत्र में घूम-घूमकर कांग्रेस नेताओं ने लोगों से उनकी राय जानी। प्राप्त सुझावों और मांगों के आधार पर पार्टी सरकार के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में जुट गई है। इस मुलाकात और रणनीति मंथन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित बड़ी संख्या में ब्लॉक व वार्ड स्तर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय रहवासी मौजूद रहे।






