इंदौर। Indore MP Foundation Day: मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर इंदौर में आयोजित शासकीय कार्यक्रम में शहर के आठों विधायकों की अनुपस्थिति ने एक बड़ा सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है। इंदौर स्थित लता मंगेशकर सभागृह में भव्य स्तर पर आयोजित इस समारोह में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विशेष रूप से उपस्थित हुए, लेकिन कार्यक्रम में विधिवत आमंत्रित किए गए शहर के अन्य आठों विधायक पूरी तरह से नदारद रहे। इस दौरान सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली और हैरान करने वाली बात यह रही कि कार्यक्रम के मुख्य मंच पर जिन कुर्सियों को विधायकों के नाम की पट्टिकाओं के साथ आरक्षित किया गया था, उन पर जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में प्रशासनिक अधिकारी बैठे हुए दिखाई दिए। इस पूरे दृश्य के सामने आते ही शहर से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, एक नवंबर को संपूर्ण मध्य प्रदेश के साथ-साथ इंदौर जिले में भी स्थापना दिवस को गरिमामय ढंग से मनाने की तैयारियां की गई थीं। इसके तहत लता मंगेशकर सभागृह में जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम रखा गया था। आयोजन में शामिल होने के लिए इंदौर के तमाम विधायकों को प्रशासनिक स्तर पर आमंत्रण भेजा गया था और मंच पर उनके बैठने की विशेष व्यवस्था की गई थी। लेकिन समारोह के प्रारंभ से लेकर समापन तक कैलाश विजयवर्गीय के अलावा अन्य कोई भी स्थानीय विधायक कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचा। जब कार्यक्रम का संचालन शुरू हुआ तो मंच पर खाली पड़ी विधायकों की कुर्सियों को भरने के लिए वहां मौजूद अधिकारियों को बैठा दिया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गए।
इंदौर में स्थापना दिवस समारोह से आठों विधायक नदारद, आरक्षित कुर्सियों पर बैठे अधिकारी।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) November 3, 2026
इस पूरे घटनाक्रम के वायरल होते ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य के स्थापना दिवस जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामयी आयोजन से सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों का इस प्रकार दूरी बना लेना पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और अव्यवस्था को उजागर करता है। कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है कि जब इतने बड़े राज्यस्तरीय उत्सव में ही जनप्रतिनिधि शामिल नहीं हो रहे हैं, तो आम जनता के विषयों को लेकर उनकी क्या गंभीरता होगी।
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से सफाई पेश की गई है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने विधायकों का बचाव करते हुए कहा कि सभी विधायक और जनप्रतिनिधि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनसमस्याओं के निराकरण और पूर्व निर्धारित स्थानीय कार्यक्रमों में अत्यधिक व्यस्त रहते हैं। संभवतः समय की कमी या व्यस्तता के कारण वे इस केंद्रीय कार्यक्रम में भौतिक रूप से शामिल नहीं हो पाए होंगे। उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अनबन या गुटबाजी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठन पूरी तरह से एकजुट है और सभी जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, स्थापना दिवस के मंच से सामने आई इस तस्वीर ने इंदौर की स्थानीय राजनीति में एक नया विवाद छेड़ दिया है।